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️ऐप मोबाइल,आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।
शहर के पाला रोड पर एक समुदाय की ओर से लगाए गए पोस्टर के जवाब में दूसरे समुदाय की ओर से पोस्टर लगाए जाने के बाद इलाके में सोमवार रात विवाद की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाइश की।
इनाम टास्क, देहली गेट थाने में गौरांक तिवारी को चप्पल दिखाती महिला- फोटो : वीडियो ग्रैब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Tue, 28 Oct 2025 02:16 PM IST
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चौखुटिया (अल्माेड़ा)। चौखुटिया में सिमलखेत क्षेत्र में एक और मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गई। मादा तेंदुए के पकड़ में आने से ग्रामीण को कुछ राहत मिली है। एक माह में चौखुटिया में अब तक तीन तेंदुए वन विभाग के पिंजरे में कैद हो चुके हैं। विभाग आज तेंदुए को अल्मोड़ा रेस्क्यू सेंटर भेजेगा।
मेगा कैश, खुटेहना पीएचसी का रविवार को निरीक्षण करते सीएमओ डॉ. एसके शर्मा । -संवाद







