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💢साइन अप💢1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
️डिस्काउंट रिसीव,'जिन्हें नसीब नहीं छत, उनकी करें बात, सर्द हवाओं में खुले आसमां तले गुजर रही रात' किसी कवि की कविता की यह पंक्तियां बांसवाड़ा जिले में उन लोगों पर सटीक बैठ रही है, जो बेघर और जरूरतमंद हैं। सर्द हवाओं में जरूरतमंद ठिठुरने को मजबूर हैं, लेकिन जिला प्रशासन और नगर परिषद ने अभी तक ऐसे परिवारों को राहत देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगरPublished by:ग्वालियर ब्यूरोUpdated Sat, 28 Jun 2025 11:34 AM IST
विज़िट शेयर, रोते हुए छात्राएं। (सांकेतिक तस्वीर)- फोटो : freepik
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sun, 04 Jan 2026 09:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बरेलीPublished by:मुकेश कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:47 PM IST
डिस्काउंट स्टूडेंट, बाराबंकी। पिछले दो दिनों से मौसम में आए अप्रत्याशित बदलावों ने जिलेवासियों को मिला-जुला अनुभव दिया है। जहां दिन के समय खिली धूप ने गलन भरी ठंड से राहत दी है, वहीं शाम ढलते ही तापमान में गिरावट और बर्फीली हवाओं के चलने से लोगों को फिर से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिनों की तुलना में लगभग दो डिग्री अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस रहा। हवाओं की गति भी सामान्य बनी रही, जो आठ से दस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं।
इंस्टेंट कहते हैं कि इंसान चला जाता है, लेकिन उसके कर्म अमर हो जाते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले से आई यह खबर इसी कथन को साकार करती है। महज पांच साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले भोमाराम ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में ऐसा काम कर दिया, जिसने तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे दी। भोमाराम के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच ऐसा साहसिक और मानवीय फैसला लिया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।
मातर मड़ई कार्यक्रम में शामिल हुए विधायक- फोटो : अमर उजाला
टास्क, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:35 AM IST







