पैसे
नया विन
डिपॉजिट साइन अप, Inc
मासिक ट्रांसफर
💢प्रीमियम इनवाइट💢
️कमाई ऐप,आविष्कार कैपिटल की ओर से फंडेड कंपनी कनेक्ट इंडिया ने बेंगलुरु की एग्रीटेक कंपनी फार्म्स (Faarms) की लॉजिस्टिक्स शाखा के साथ विलय (मर्ज) कर लिया है। इस विलय के बाद एक नई कंपनी भारत सप्लाई बनी है। यह कंपनी भारत की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनी बन गई है। यह कंपनी मुख्य रूप से शहरों से बाहर (नॉन-मेट्रो) और ग्रामीण बाजारों पर ध्यान केंद्रित करेगी।
अतिरिक्त साइन अप, संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:30 AM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारबालोद में हुई वन समिति की बैठक में सभापति ने अधिकारियों पर पेड़ कटाई को शह देने का आरोप लगाया। बैठक में वन्य जीवों के लिए पेयजल व्यवस्था, समितियों को मजबूत करने और वन आधारित योजनाओं को समय पर लागू करने पर चर्चा हुई।
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:08 PM IST
इनाम, विस्तारFollow Usआधार जैसे संवेदनशील दस्तावेज में सेंध लगाने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा बालाघाट पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस ने फिंगरप्रिंट और आईरिश का क्लोन बनाकर आधार अपडेशन करने वाले मास्टरमाइंड मोहसीन खान (39) को गिरफ्तार किया है। आरोपी भरवेली का रहने वाला और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।
विशेष स्टूडेंट सार29 दिन की मासूम बच्ची को इलाज के लिए इंदौर रैफर किया गया था लेकिन 108 एंबुलेंस रास्ते में खराब हो गई, जिससे इलाज में देरी हुई और इसी लापरवाही के कारण मासूम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
विस्तारFollow Usबलौदाबाजार-भाटापारा जिले में बार नवापारा क्षेत्र के ग्राम हरदी में मंगलवार सुबह चार हाथी, जिनमें एक शावक भी शामिल था, करीब 15 फीट गहरे कुएं में गिर गए। बताया जा रहा है कि अंधेरे और फिसलन भरे रास्ते के कारण यह हादसा हुआ। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर धान देखने पहुंचे तो उन्हें कुएं से हाथियों की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
डिस्काउंट स्टूडेंट, विस्तारFollow Usप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







