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💢बोनस शेयर💢सारबदायूं जिले के कुंवरगांव थाना प्रभारी ने गजब खेल किया। उन्होंने जिस शख्स को मुठभेड़ के दौरान फरार होना दिखाया, घटना के दिन उसकी लोकेशन बरेली में मिली। फर्जी मुठभेड़ का खुलासा तब हुआ जब आरोपी की मां ने डीआईजी को सबूत सौंपे। प्रारंभिक जांच में थाना प्रभारी कुंवरगांव की भूमिका संदिग्ध मिली है।
️वेरिफाई मोबाइल,सांसद हनुमान बेनीवाल ने मायरा भरने पर की दोनों भाइयों की सराहना- फोटो : अमर उजाला
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पॉइंट्स कलेक्ट, सारकिशोरी अपनी सहेलियों के साथ नेहरू पार्क घूमने गई थी। इसी दौरान तीन युवकों ने उसे अपनी कार में बहाने से बैठा लिया और घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। बाद में आरोपियों ने रात करीब 8:30 बजे किशोरी को आमला रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दिया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Wed, 23 Jul 2025 05:32 PM IST
सारकड़ाके की ठंड में दिन में भी लोगों की कंपकंपी छूट रही है। ऐसे सर्द मौसम में किसान छुट्टा पशुओं से फसल को बचाने के लिए खेतों पर रात बिता रहे हैं। बदायूं के वजीरगंज क्षेत्र के गांव रहेड़िया, सहाबर खेड़ा, मालिन गौटिया समेत गांवों के किसान निराश्रित पशुओं से परेशान हैं।
विस्तारFollow Usभोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
वॉच रिवॉर्ड्स, चहनिया। भुपौली पंप कैनाल से नहर में पानी छोड़े जाने से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि नवंबर में भारी बारिश के चलते अभी खेतों में पर्याप्त नमी है। इस कारण गेहूं की बुआई दिसंबर के अंतिम सप्ताह व जनवरी के प्रथम सप्ताह में की गई। ऐसे में नहर में पानी छोड़े जाने के कारण किसानों का भारी नुकसान हो रहा है। लगभग 2 प्रतिशत किसान अपनी फसलों को भरने के लिए टेल पर पानी ले जाना चाहते हैं और कुलावे को खुला छोड़ दे रहे हैं। जिससे अन्य किसानों की फसलें डूब जा रही हैं, जिससे आए विवाद हो रहा
रिसीव
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डाउनलोड वेरिफाई, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़Published by:नवीन दलालUpdated Sun, 11 Jan 2026 09:14 AM IST







