शेयर इनाम
मेगा ट्रांसफर
प्लेटिनम कलेक्ट, Inc
अर्न
💢ऑफर साइन अप💢शहीद स्मारक बिलासपुर में सुबह से धरना प्रदर्शन पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ता
️मेगा फ्रेंड्स,कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
पॉइंट्स गेम, सारभीड़ और गर्मी के कारण उन्हें चक्कर आ गए और तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार थकान और गर्मी वजह रही, हालांकि अब उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है। प्राथमिक उपचार के बाद खंडेलवाल ने पुनः कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
विस्तारFollow Usराजस्थान की लोक परंपराएं अपने संवेदनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक स्नेह के लिए जानी जाती हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है ‘मायरा’, जिसमें भाई अपनी बहन के बच्चों की शादी में प्रेम, आदर और समर्पण के भाव से उपहार, वस्त्र और धन लेकर पहुंचते हैं। इस परंपरा की झलक बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र के सीनियाला गांव में देखने को मिली, जहां भाइयों ने मायरे में ऐसा योगदान दिया कि यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls
साप्ताहिक शेयर, स्कूल कैडर लेक्चरर एसोसिएशन हरियाणा की प्रदेश कार्यकारिणी ने उठाई मांगें
वीआईपी ऑफर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी आज करेंगे लोकार्पण
राजस्थान के बीकानेर में वैज्ञानिकों ने सर्पदंश के इलाज में एक बड़ी सफलता हासिल की है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज की मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट और एम्स जोधपुर की संयुक्त टीम ने ऊंट के खून से एंटी-स्नेक वेनम तैयार करने में कामयाबी पाई है। यह नई दवा पारंपरिक घोड़े के खून से बने एंटी-वेनम की जगह ले सकती है, जो अक्सर एलर्जी और गंभीर रिएक्शन का कारण बनता है।
अर्न, भिवानी। शहर का दायरा और आबादी बढ़ने के साथ ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांटों पर दूषित पानी की निकासी का दबाव बढ़ गया है। इतना ही नहीं औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 के लिए 18 करोड़ रुपये से बने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट भी पर्यावरण एनओसी नहीं मिलने के कारण करीब दो साल से खामोश पड़ा है। बिना ट्रिटमेंट के दूषित पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में छोड़ा जा रहा है जिससे किसान सिंचाई से भी तौबा कर रहे हैं।







