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💢विज़िट कम्पलीट💢विस्तारFollow Usभाटापारा बलौदाबाजार के ग्राम भोथीडीह (थाना मस्तूरी) से पिकनिक मनाने जा रहा एक परिवार रविवार को एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया। परिवार के 30 सदस्य पिकअप वाहन में सवार होकर तुरतुरिया (कसडोल) जा रहे थे। रास्ते में डोंगरीडीह (थाना लवन क्षेत्र) के पास पिकअप का पिछला चक्का बेरिंग सहित टूट गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया।
️अल्ट्रा पैसे,बागपत। खैला गांव के हजारीलाल मेमोरियल इंटर कॉलेज से निलंबित शिक्षिका निधि शर्मा के साथ सोमवार को ब्राह्मण समाज के लोगों व शिक्षकों ने कलक्ट्रेट में पहुंचकर धरना दिया। उन्होंने कॉलेज प्रबंधक पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। साथ ही खून से पत्र लिखकर डीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर इच्छा मृत्यु मांगी। डीएम ने जांच कराकर जल्द ही कार्रवाई करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
कैश क्लिक, श्रीदत्तगंज। उतरौला क्षेत्र के ग्राम गुलरहा के मजरे बरगदही में सोमवार शाम करीब 4:30 बजे निजी विद्यालय के शिक्षक राजू वर्मा (22) का शव गांव के बाहर गन्ने के खेत में पेड़ से लटकता मिला। मां ने बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से जांच व कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या की बात कह रही है।
रास्ते में खराब हुई एम्बुलेंस, मासूम ने दम तोड़ा- फोटो : अमर उजाला
विन ऑफर, बागेश्वर। जिले में बढ़ रही कड़ाके की ठंड ने जनजीवन के साथ-साथ सेहत पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। साप्ताहिक अवकाश के बाद सोमवार को जब जिला अस्पताल खुला, तो मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल की ओपीडी का आंकड़ा 600 के पार पहुंच गया। जिसमें 540 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया।
टास्क MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
सारकिशनगढ़बास बाईपास पर खड़ी कार में युवक का शव मिलने के बाद मृतक के परिजनों ने दो युवकों पर साजिशन हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
डिस्काउंट डिपॉजिट, बाराबंकी। शनिवार को जिला अस्पताल में मौसम में आए बदलाव का सीधा असर देखने को मिला। अस्पताल में सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या काफी अधिक रही। अस्पताल में मरीजों की इतनी भीड़ थी कि उन्हें इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। कई मरीज तो लंबी प्रतीक्षा के बाद भी बिना इलाज के ही लौट गए।







