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💢साप्ताहिक वेरिफाई💢सऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के बाद बालोतरा जिले के मेघवालों की ढाणी निवासी 19 वर्षीय भारतीय नागरिक दिवंगत रमेश कुमार मेघवाल की दिवंगत देह को आखिरकार 36 दिन बाद वतन की मिट्टी नसीब हुई। गुरुवार दोपहर सऊदी अरब से उनकी पार्थिव देह जयपुर एयरपोर्ट पहुंची, जहां से आगे की औपचारिकताएं पूरी की गईं।
️लाइक वीडियो,संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:34 PM IST
विस्तारFollow Usतीन दशकों तक जंगलों में दहशत फैलाने वाले माओवादी संगठन का बालाघाट जिले से पूर्ण सफाया हो गया है। गुरुवार को जिले में सक्रिय बचे हुए दो हार्डकोर माओवादी दीपक उर्फ सुधाकर उर्फ मंगल उइके और उसके साथी रोहित (एसीएम, दर्रेकसा एरिया कमेटी) ने कोरका स्थित सीआरपीएफ कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जिले में कोई हार्डकोर नक्सली नहीं रह गया है।
वीआईपी ट्रांसफर, कचहरी में मुंह ढंककर लाया गया पारस सोम।- फोटो : अमर उजाला
श्रावण मास के अंतिम सोमवार को बाबा बैजनाथ शहरवासियों को दर्शन देने चांदी की पालकी में सवार होकर शाही ठाठ के साथ निकलेंगे। शाही सवारी के दिन तड़के तीन बजे मंदिर के पट खुलेंगे। 3.30 बजे तक गर्भ गृह सफाई होगी। 3.30 से 4.00 बजे तक बाबा बैजनाथ का पंचामृत स्नान होगा। 4ः30 से 5ः00 के मध्य ब्रह्ममुहूर्त आरती होगी। 5.00 से 7.30 बजे तक गर्भ गृह में बाबा बैजनाथ के दर्शन एवं पूजन कर सकेंगे। इसके पश्चात् गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। बाहर से ही दर्शन की व्यवस्था रहेगी। दोपहर 12ः30 बजे गर्भगृह में बाबा बैजनाथ का पूजन एवं आरती होगी। 1:00 से 1:15 बजे तक बाबा बैजनाथ को पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। 1:15 से 1:30 के मध्य बाबा बैजनाथ चांदी की पालकी में सवार होंगे।
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आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।
मासिक क्लिक, हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:22 PM IST







