नया ऐप
फ्रेंड्स
डाउनलोड, Inc
ऑनलाइन इनाम
💢प्रीमियम कम्पलीट💢
️गेम फ्री,विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्या मामले का खुलासा किया है। भैंसदेही थाना क्षेत्र में मिले युवक के शव के पीछे उसकी पूर्व पत्नी की साजिश सामने आई है। पुलिस ने महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
IranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest Bengalयूपी
मेगा ट्रांसफर, अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Thu, 25 Dec 2025 01:03 PM IST
चंपावत। जिला अस्पताल में मरीजों के लिए बने पुरुष और महिला शौचालय गंदगी से पटे हुए हैं। शौचालयों में मरीजों और तीमारदारों को मुंह पर कपड़ा या हाथ रखकर जाना पड़ रहा है। गंदगी देखकर अस्पताल के मरीज जल्द ठीक होने के बजाय और बीमार जरूर पड़ जाएंगे। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीज कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए अपने घर से कंबल लाने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल में मिलने वाले कंबल ठंड के सामने घुटने टेक रहे हैं।
सारबदायूं के उझानी क्षेत्र में मेहंदी का रंग छूटने से पहले ही निकाह की रंगत उड़ गई। प्रेम प्रसंग के बाद निकाह करने वाले नवदंपती ने आपसी रजामंदी से रिश्ता तोड़ लिया और अलग-अलग हो गए। हालांकि दोनों ने रिश्ता तोड़ने की वजह किसी को नहीं बताई। यह मामला गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अर्न, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Sat, 27 Dec 2025 08:27 AM IST
पुराना शेयर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Sat, 10 Jan 2026 08:51 PM IST
साररास्ते के बीच कपड़ों के बंडल रखे होने से वाहन निकलने में हो रही दिक्कत के चलते हुए विवाद में बात इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट में बदल गया और देखते ही देखते कस्बे में तनाव फैल गया।
विथड्रॉ ऐप, विस्तारFollow Usगणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।







