सुपर ऑनलाइन
कूपन
सर्वे वीडियो, Inc
गेट
💢अतिरिक्त कैश💢विस्तारFollow Usसऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाले बालोतरा जिले के मेघवालों की ढाणी निवासी 19 वर्षीय रमेश कुमार मेघवाल की पार्थिव देह आखिरकार 36 दिन बाद भारत लौटने जा रही है। लंबा इंतजार, कानूनी लड़ाई और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद गुरुवार को रमेश की देह सऊदी अरब से जयपुर पहुंचेगी, जिससे परिजनों को कुछ हद तक राहत मिली है।
️ईज़ी डाउनलोड,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुरPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Sun, 28 Sep 2025 07:54 PM IST
वेरिफाई गेट, Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
क्वांटम यूनिवर्सिटी के 'क्वांटम स्कूल ऑफ लॉ' ने मंगलवार को 77वां राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस का आयोजन किया। इस मौके पर पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुनील कुमार पंवार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कानून के छात्रों को न्याय और नागरिक जिम्मेदारियों के बारे में बारीकी से बताया।
सनौली। गढ़ी बेसिक गांव में रविवार शाम को एक युवा किसान रात को खेत में ट्यूबवेल पर बिजली की तार ठीक कर रहा था। उसी समय उनको बिजली का करंट लगा। जिससे वह बेहोश हो गया। परिजन उसको गंभीर हालत में शहर के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे जहां पर डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन उसको मृत घोषित करने पर निजी अस्पताल से वापस घर ले गए है। मृतक के चचेरे भाई अमरीश ने जानकारी देते हुए बताया कि 31 वर्षीय किसान सिकंदर निवासी गढी बेसिक अपने खेत में बने मकान में परिवार सहित रहता था। सिकंदर रविवार शाम को ट्यूबवेल की बिजली की तार को ठीक कर रहा था कि अचानक उसको करंट लग गया, जिससे वह बेहोश हो गया। परिजन उसको तुरंत शहर के निजी अस्पताल में लेकर गए डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अमरीश ने बताया कि मृतक सिंकदर विवाहित था और उनके दो बच्चे हैं।
ईज़ी ऑनलाइन, परिवहन मंत्री से अपनी समस्या बताती महिला। संवाद- फोटो : संवाद
नया लाइक ख़्वाजा साहब की साहिबज़ादी बीबी हाफ़िज़ा का उर्स सम्पन्न
विस्तारFollow Usकहते हैं कि इंसान चला जाता है, लेकिन उसके कर्म अमर हो जाते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले से आई यह खबर इसी कथन को साकार करती है। महज पांच साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले भोमाराम ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में ऐसा काम कर दिया, जिसने तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे दी। भोमाराम के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच ऐसा साहसिक और मानवीय फैसला लिया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।
प्लेटिनम लाइक, फफूंद। विश्व हिंदी दिवस पर शनिवार को सामाजिक संस्था सोशल डेवलपमेंट कमेटी ने नेशनल पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें हिंदी भाषा के संरक्षण व संवर्धन को लेकर विचार व्यक्त किए गए। इस मौके पर डॉ. अजित द्विवेदी को हिंदी साहित्य रत्न से सम्मानित किया गया।







