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️पॉइंट्स शेयर,सारबीजापुर में उपार्जन केंद्रों पर समय से उठाव नहीं होने पर कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है। इतना ही नहीं कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है। कहा है कि तत्काल उठाव नहीं हुआ तो खरीदी रोकी जाएगी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागरPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Wed, 10 Dec 2025 09:25 AM IST
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मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय कला परंपरा ने एक बार फिर देश में अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। पारंपरिक भरेवा धातु शिल्प कला को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने के साथ ही बैतूल जिले के प्रसिद्ध भरेवा शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया। हाल ही में भरेवा शिल्प को जीआई टैग भी प्राप्त हुआ है, जिससे इसकी सांस्कृतिक और आर्थिक महत्ता और बढ़ गई है। सम्मान समारोह में केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी उपस्थित थे।
चंडीगढ़ में मंगलवार को घनी धुंध के साथ दिन निकला। ठंड रिकाॅर्ड तोड़ने लगी है। सोमवार को न्यूनतम पारा 3.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। सुबह के समय चंडीगढ़ में जबरदस्त धुंध रही। चंडीगढ़ में तीन वर्ष बाद ऐसी स्थिति बनी है कि 12 जनवरी को पारा 3.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया वहीं, अधिकतम तापमान 14.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
चंडीगढ़। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह वार्षिक पुरस्कार आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के अमूल्य योगदान व निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने के उद्देश्य से दिया जाता है। पुरस्कार की घोषणा हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर की जाती है।
इनाम डाउनलोड, कोसरियां वार्ड में विकास कार्यों का उद्घाटन करते विधायक त्रिलोक जमवाल। स्रोत: भाजपा
कूपन ऐप आज मंगलवार को प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रय स्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में वन मंत्री केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण व बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधि और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा। इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:28 PM IST
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