ऑनलाइन
कमाई
छोटा फ्रेंड्स, Inc
रजिस्टर मोबाइल
💢अल्ट्रा डाउनलोड💢सारजिले की देईखेड़ा पुलिस ने पंचायत सचिव से मारपीट कर फरार दो मुख्य आरोपियों को एक सप्ताह बाद गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को सुरक्षा घेरे में बाजार से पैदल घुमाया गया।
️स्टूडेंट,बुलंदशहर। नगर कोतवाली पुलिस द्वारा जून 2025 में नशीली गोेलियों की तस्करी करने वाले शातिर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस मामले में अब एडीजे चतुर्थ प्रमोद कुमार गुप्ता के न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना है। साथ ही आठ माह का सश्रम कारावास व 50 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
प्रेसवार्ता में राज्यमंत्री गुलाब देवी, विधायक व भाजपा नेता- फोटो : संवाद
वॉच,
सारमध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीतलहर से जनजीवन प्रभावित है। कई जिलों में रात का तापमान 2 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूटते हुए पारा 3.8 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी कम हुई और रेल यातायात प्रभावित हुआ।
चंपावत। जिला अस्पताल में मरीजों के लिए बने पुरुष और महिला शौचालय गंदगी से पटे हुए हैं। शौचालयों में मरीजों और तीमारदारों को मुंह पर कपड़ा या हाथ रखकर जाना पड़ रहा है। गंदगी देखकर अस्पताल के मरीज जल्द ठीक होने के बजाय और बीमार जरूर पड़ जाएंगे। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीज कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए अपने घर से कंबल लाने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल में मिलने वाले कंबल ठंड के सामने घुटने टेक रहे हैं।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sat, 26 Jul 2025 10:42 PM IST
सिल्वर कलेक्ट, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
नया बोनस कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
ईज़ी कमाई, कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







