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💢रिसीव💢केंद्र सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए जा रहे बदलावों के विरोध में अजमेर देहात कांग्रेस कमेटी ने नसीराबाद में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक दिवसीय उपवास आयोजित किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और मनरेगा श्रमिकों ने शांतिपूर्ण तरीके से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
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India-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसीविवेकानंद यूथ अवॉर्डWest Bengal Politicsबैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलावदालमंडी में बुलडोजर एक्शनModi-Merz Meet LIVEIND vs NZUPWest Bengal Poll
सिल्वर ईज़ी, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
आगरा। चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट या वोटर आईडी में धुंधली तस्वीर की परेशानी अब नहीं रहेगी। एसआईआर के बाद जारी होने वाली अंतिम सूची में हर मतदाता की साफ तस्वीर लगी होगी। इससे मतदान के समय उसकी पहचान करने में आसानी होगी। इसके लिए सभी बीएलओ को सोमवार को सूरसदन प्रेक्षागृह में प्रशिक्षण दिया गया।
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सर्वे शेयर विस्तारFollow Usइलाहाबाद हाईकोर्ट ने जन्म प्रमाणपत्र जारी करने में भ्रष्टाचार पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने जन्मतिथि में 11 वर्षों की हेराफेरी, जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर को संबंधित व्यक्ति और ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन व न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने प्रयागराज निवासी शिवशंकर पाल की याचिका पर दिया है।
जिले के मुंगावली, बहादुरपुर और आसपास के क्षेत्रों के 36 बंधक मजदूरों को महाराष्ट्र से मुक्त करा लिया गया है। स्थानीय पुलिस महाराष्ट्र पहुंचकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इन सभी मजदूरों को वापस लेकर आई। ये मजदूर महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के बासी थाना क्षेत्र के गिरोली गांव में बंधक बनाए गए थे। वहां उन्हें न तो मजदूरी का भुगतान किया जा रहा था और न ही उन्हें अपने घर लौटने दिया जा रहा था। उन्हें अपने परिजनों से भी बात करने की अनुमति नहीं थी।
इनवाइट कलेक्ट, विस्तारFollow Usबांसवाड़ा शहर में एक बुजुर्ग दंपति को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट बनाकर 78 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना दिया। ठगों ने खुद को दिल्ली और मुंबई का बड़ा पुलिस अधिकारी बताते हुए दावा किया कि बुजुर्ग का मोबाइल नंबर दिल्ली बम ब्लास्ट केस में इस्तेमाल हुआ है। मनी लॉन्ड्रिंग और गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी देकर दंपति को मानसिक रूप से डराया गया।







