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💢वेरिफाई कलेक्ट💢छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सरकारी स्कूल का शिक्षक शादी का जाल बिछाकर 50 वर्षीय महिला के साथ 8 साल तक शारीरिक शोषण करता रहा। आखिरकार पीड़िता ने हिम्मत जुटाई, थाने पहुंची और आरोपी रज्जू महिलांग (43) को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
️मोबाइल क्लिक,TOP NewsBangladeshUSविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UP
सारBaran Accident: किशनगंज के पास हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रॉले ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे किसान दीपक मेहता की मौके पर मौत हो गई। तीन बहनों का इकलौते भाई और घर के कमाने वाले दीपक की मौत से गांव में शोक का माहौल है।
रजिस्टर,
सारसरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित मां महामाया मंदिर परिसर में नए वर्ष के पहले दिन सुबह दीपक से आग लग गई। देखते ही देखते आग फैल गई, जिससे श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।
विस्तारFollow Usघर में अंडे की सब्जी बनाने को लेकर पति-पत्नी में आपस में कहासुनी हो गई। इससे क्षुब्ध होकर युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। मां ने देखा तो परिजनों ने उसे फंदे से उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
बलौदाबाजार भाटापारा जिले में पल्स पोलियो अभियान शुरू- फोटो : अमर उजाला
विन इनाम, सारचौखुटिया के सिमलखेत क्षेत्र में रविवार सुबह एक मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हुई, जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है, हालांकि क्षेत्र में अन्य तेंदुओं की सक्रियता से दहशत अभी भी बनी हुई है।
डाउनलोड कूपन अजमेर शरीफ दरगाह परिसर में फूल और चादर की एक दुकान को लेकर चला आ रहा पुराना विवाद मंगलवार रात अचानक हिंसक संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुए टकराव में एक खादिम पर धारदार हथियारों और लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिससे दरगाह क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया।
आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।
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