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💢टास्क गेट💢सारAmbikapur Protest: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने मनरेगा में बदलावों के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी की गिरफ्तारी और कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज का कड़ा विरोध जताया।
️गोल्ड इंस्टेंट,बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय को वर्ष 2021 से अब तक 73 प्रोजेक्ट मिले हैं। विश्वविद्यालय को करीब 15 करोड़ रुपये की ग्रांट भी मिल चुकी है।
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प्रीमियम ऑफर, अंबेडकरनगर । शहर स्थित अकबरपुर स्टेशन के मखदूमपुर रेलवे क्रासिंग से गुजरती रेलवे लाइन लोगों के लिए मुशीबत बन चुकी है। 24 घंटों में 50 बार रेलवे क्रासिंग बंद होती है और लोगों को घंटों खड़े रहकर इंतजार करना पड़ता है। जब ट्रेनें गुजरती हैं, तो फाटक बंद हो जाता है और लोग जाम में फंस जाते हैं। इस मार्ग से करीब 150 गांवों के लोगों का प्रतिदिन आवागमन होता हैं।
सारनव्य राम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद से यह कट्टरपंथियों के निशाने पर है। पहले भी हमले की धमकियां मिल चुकी हैं। अब नमाज पढ़ने की कोशिश करने वाला कश्मीरी अबू शेख पकड़ा गया है।आगे पढ़ें पूरा मामला....
सारSRN Hospital : एसआरएन अस्पताल के टैक्निशिनय और रेडियोलॉजिस्ट के छात्रों ने हड़ताल शुरू कर दी है। इससे अस्पताल में 12 घंटे से एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और पैथालॉजी समेत सभी जांच बंद हैं। टैक्निशियन छात्र का आरोप है कि ड्यूटी का समय पूरा हो जाने के बाद भी जूनियर डॉक्टर ने उस पर काम करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर पिटाई की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। मामले की जांच के लिए सीएमएस डॉ. नीलम सिंह ने डॉ. मोहित जैन के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
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डाउनलोड इंस्टेंट कभी बंदूक थामने को मजबूर हुई सुनीता अब नई ज़िंदगी की शुरुआत कर रही है। मंगलवार को उसने तीन साल बाद अपने माता-पिता को गले लगाया तो आंखों से आंसू छलक पड़े, पर चेहरे पर सुकून की मुस्कान थी। यह भावुक मुलाकात बालाघाट पुलिस ने आयोजित कराई।
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:06 PM IST
डायमंड डाउनलोड, अमरोहा। वो सात थे और चाचा (राशिद) अकेले...बाइक से कार छू जाने भर के बदले सातों ऐसे टूटे कि देखते-देखते राशिद बेसुध होकर जमीन पर गिर गए। उन्हें बचाने की कोशिशें कामयाब न होती देख चाची (रुखसार) उनके आगे हाथ जोड़कर मिन्नतें करने लगीं, मासूम बच्चे गिड़गिड़ाते रहे मगर बेरहम हमलावरों को न बच्चों पर तरस आया और न रुखसार की रुलाई उन्हें पिघला सकी। राशिद को गिरा-गिरा कर तब तक लात-घूंसे बरसाए, जब तक वह दम तोड़ने की नौबत तक नहीं पहुंच गए।







