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💢प्लेटिनम वॉच💢मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में चार दिन पहले शनिवार से शुरू हुए डायरिया के प्रकोप में अब तक जहां दो मौतें हो चुकी हैं, तो वहीं 200 से अधिक प्रभावित अब तक इलाज कराने सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंचे हैं। यहां की एमार्गिद पंचायत के आजाद नगर और काला बाग क्षेत्र के साथ ही सिंधीपुरा, आलमगंज और लोहारमंडी क्षेत्र में डायरिया का सबसे अधिक असर देखने को मिला है, जिसका कारण इस क्षेत्र में पीने के गंदे पानी की सप्लाई होना बताया जा रहा है।
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जालंधर/अमृतसर।न्यूजीलैंड में सिखों के नगर कीर्तन को एक बार फिर विरोध का सामना करना पड़ा। 20 दिनों में यह दूसरी बार है जब सिखों के धार्मिक उत्सव को बाधित किया गया। इस बार डेस्टिनी चर्च से जुड़े ब्रायन टमाकी और उनके समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर हाका डांस किया और नारे लगाए। उन्होंने कहा कि ये किसकी गलियां हैं? ये गलियां हमारी हैं। सरेआम तलवारें और झंडे लहराने की इजाजत किसने दी। हम अपनी संस्कृति को बर्बाद नहीं होने देंगे।
ऑनलाइन गेम, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदीPublished by:बूँदी ब्यूरोUpdated Wed, 17 Sep 2025 08:33 AM IST
बनीखेत (चंबा)। बनीखेत-खैरी मुख्य मार्ग पर आपदा के समय हुए भूस्खलन के निशान आज भी साफ दिखाई दे रहे हैं, जो कि लोक निर्माण विभाग की उदासीनता को दर्शा रहे हैं। आपदा के दौरान आनन-फानन में मार्ग को अस्थायी रूप से सुचारु तो कर दिया गया, लेकिन भूस्खलन से प्रभावित कई स्थानों पर सड़क की हालत आज भी बदहाल बनी हुई है।
खुर्जा जंक्शन। रेलवे स्टेशन पर सोमवार को यात्री व स्थानीय निवासियों ने उधमपुर एक्सप्रेस का संचालन बंद होने के विरोध में प्रदर्शन किया। ऐसे में जम्मू और श्री माता वैष्णो देवी धाम जाने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जंक्शन से जम्मू जाने के लिए किसी और ट्रेन का संचालन नहीं होता है। ऐसे में यात्रियों को ट्रेन के लिए दिल्ली जाना पड़ रहा है।
दैनिक मोबाइल, सारBikaner News: बीकानेर में स्टेशन से गुजर रही बीकानेर-बांद्रा रेलगाड़ी के एसी कोच के नीचे अचानक धुआं उठने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। मौके पर रेलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए अग्निशमन गैस सिलेंडर से छिड़काव स्थिति पर काबू पाया गया।
गोल्ड बोनस सारइंदौर में दूषित पानी की घटना के बाद पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में 155 लैब होने के बावजूद सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट हैं और भोपाल की प्रदेश स्तरीय लैब में भी चीफ केमिस्ट का पद खाली है। हर साल 400 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पानी की जांच आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रही है।
राजस्थान के सीकर, भरतपुर, बांसवाड़ा और जयपुर समेत कई जिलों में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। अब तक कम से कम 2 मासूमों की जान जा चुकी है और कई की हालत बिगड़ी हुई है। सिरप पीने के बाद उल्टी, दस्त, सांस लेने में तकलीफ और किडनी फेलियर जैसे लक्षण सामने आए। अभिभावकों का कहना है कि यह दवा सरकारी डॉक्टरों की सलाह पर दी गई थी।
ऑनलाइन कम्पलीट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगाPublished by:दरभंगा ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 08:39 AM IST







