बोनस
विन
प्लेटिनम सर्वे, Inc
कूपन इंस्टेंट
💢डाउनलोड रिवॉर्ड्स💢
️वॉच सब्सक्राइब,
विस्तारFollow Usबांसवाड़ा शहर के पाला रोड पर जामा मस्जिद के भवन पर लगे पोस्टर के ठीक सामने सड़क के दूसरे छोर पर एक अन्य पोस्टर लगाने के मामले को पुलिस ने समझाइश कर शांत कर दिया। दोनों समुदायों के पोस्टर भी उतरवा दिए। अब इस मामले में धर्मस्थल के भीतर जाकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक स्टोरी डालने की रिपोर्ट के बाद एक आरोपी गिरफ्तार किया है।
पैसे लॉग इन, विस्तारFollow Usराजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर के कलेक्ट्रेट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। इसके बाद बाड़मेर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। कलेक्ट्रेट के सरकारी ईमेल पर धमकी भरा मेल मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने पूरे कलेक्ट्रेट परिसर को खाली करवाकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में आयोजित होने वाले 814वें उर्स को लेकर अजमेर पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक और कड़े इंतजाम किए हैं। उर्स के दौरान देश-विदेश से लाखों जायरीन अजमेर पहुंचते हैं। पूर्व में दरगाह को दो बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
सारMP News: बालाघाट में मादा बाघ की संदिग्ध मौत और उसके शव को गुपचुप जलाने के मामले ने वन विभाग में हड़कंप मचा दिया है। डीएफओ अधर गुप्ता और उनके अधीनस्थों पर नियमों का उल्लंघन और मामले को दबाने के आरोप लगे हैं। विधायक की शिकायत और विभागीय लापरवाही के कारण मामले की जांच तेज़ कर दी गई है।
अंबाला। बिजली कर्मचारियों के साथ हो रहे कथित अन्याय और पुलिस कार्रवाई के विरोध में एचएसईबी वर्कर यूनियन में रोष है। यूनियन ने 15 जनवरी को अंबाला में एक विशाल रोष मार्च निकालने का निर्णय लिया है। यह जानकारी यूनियन के अंबाला कैंट यूनिट के पदाधिकारियों ने एक ज्ञापन के माध्यम से पुलिस प्रशासन को दी है।
कमाई रिवॉर्ड्स, दिबियापुर। आंकड़ों में अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में भेजा जा चुका है। हकीकत में सड़कों पर घूमने वाले अन्ना गोवंश रात में गेहूं की फसल बर्बाद कर रहे हैं। फसल की रखवाली को लेकर किसान सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे जागकर चौकसी करने को मजबूर हैं।
गेट
नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में पहली बार किसी महिला नक्सली ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। नक्सली गतिविधियों से चार दशक से अधिक समय से जूझ रहे इस जिले के लिए यह एक अहम घटना मानी जा रही है। 1992 के बाद यह पहली बार है कि किसी अन्य राज्य के नक्सली ने मध्य प्रदेश सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
बोनस सब्सक्राइब, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:बालोतरा ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 11:04 PM IST







