वीडियो लाइक
कैश रिसीव
रिसीव वेरिफाई, Inc
फ्रेंड्स कलेक्ट
💢पैसे अर्न💢कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
️मोबाइल,चुराह (चंबा)। उपमंडल चुराह में किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित कृषि प्रशिक्षण केंद्र का सपना अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाया है। वर्ष 2022 में बड़े उत्साह और आशाओं के साथ इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक इसकी इमारत का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
अल्ट्रा कलेक्ट, पोखरी (चमोली)। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता मयंक पंत ने पोखरी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने इन समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग की। उन्होंने रुद्रप्रयाग-पोखरी-गोपेश्वर सड़क के 59 से 88 किमी तक अपग्रेडेशन के शासन में लंबित प्रस्ताव को स्वीकृत कराने की मांग की। मिनी स्टेडियम विनायकधार में निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी। उन्होंने घोषणा के तहत धनराशि दिलाने की मांग की। इसके अलावा पोखरी में पार्किंग निर्माण कार्य शुरू करवाने, सीएचसी में सर्जन व रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती, अटल उत्कृष्ट विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज पोखरी के लिए बस सेवा संचालित कराने की मांग की। संवाद
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 14 Nov 2025 08:30 PM IST
Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
सबजूनियर नेशनल सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप- फोटो : अमर उजाला
ट्रांसफर इनाम, बूंदी जिले के नैनवां उपखंड क्षेत्र के ग्राम बासी से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। आठवीं कक्षा में अध्ययनरत 14 वर्षीय छात्रा हर्षिता सोनी की बाथरूम में नहाते समय अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। उस समय वह घर में अकेली थी।
पैसे डिपॉजिट चंडीगढ़। आयुष्मान योजना से जुड़े निजी अस्पतालों ने स्वास्थ्य विभाग के संशोधित निर्देशों पर भी कड़ा एतराज जताया है। अब अस्पतालों के काॅरिडोर, प्रवेश और निकास द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी सीधी फीड विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। निजी अस्पतालों ने इन्हें मानने से इन्कार कर दिया है।
बीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।
इनाम रजिस्टर,







