दैनिक विन
वॉच लॉग इन
नया ईज़ी, Inc
ऑनलाइन फ्री
💢बोनस टास्क💢वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:52 PM IST
️मोबाइल सब्सक्राइब,कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
अमरोहा। न्यायिककर्मी राशिद हुसैन की बेरहमी से हत्या ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। 35 वर्षीय पत्नी रुखसार के रुख पर सिर्फ आंसू हैं। रुक-रुक कर आती चीखों के अलावा उनके मुंह से कोई अल्फाज नहीं निकल रहे। लगातार बहती आंखों से वह पास मौजूद महिलाओं की तरफ सवालिया निगाहों से देखती हैं और रुंधे गले से एक ही सवाल निकलता है-इतनी मामूली बात पर कोई किसी की जान कैसे ले सकता है।
डिस्काउंट, अंबाला सिटी। शहर की सरकार का कार्यकाल मंगलवार को पूरा होगा। इस कार्यकाल के पांच वर्ष की अपेक्षा मेयर के उपचुनाव के बाद हुए कार्यों को लेकर शहर में ज्यादा चर्चा रही। खास तौर पर शहर में हुए और होने वाले कार्यों को लेकर सियासी माहौल भी गर्माया। भाजपा मेयर ने अपने ही पार्टी नेताओं को घेरा तो कांग्रेस के पार्षदों ने भी शहर के विकास कार्यों के न होने और हाउस की बैठक नहीं होने पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:बारां ब्यूरोUpdated Thu, 11 Dec 2025 11:06 AM IST
रसड़ा क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र गढि़या परिसर में बिना कनेक्शन के बिल भेजने पर मीटर के साथ प्र
कूपन,
कम्पलीट ईज़ी विस्तारFollow Usजिले के सेंधवा अनुविभाग अंतर्गत वरला थाना क्षेत्र के उमर्टी गांव में शनिवार सुबह पुलिस टीम ने संयुक्त दबिश देकर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। यह कार्रवाई मप्र एटीएस सहित मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस की टीमों ने सुबह 4 बजे दबिश देकर की। अभियान में दोनों राज्यों के 250 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल थे। कार्रवाई में पुणे पुलिस, मध्य प्रदेश एटीएस, बड़वानी पुलिस, खरगोन पुलिस और खंडवा पुलिस की टीमें मौजूद थीं। फैक्ट्री जंगल और पहाड़ी क्षेत्र की आड़ में लंबे समय से संचालित हो रही थी। पुलिस के मुताबिक महाराष्ट्र के पुणे में गत दिनों हथियार मिले थे, जिसके बाद यह संयुक्त कार्रवाई की गई है।
विस्तारFollow Usबारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।
पॉइंट्स ईज़ी, मतदान करने के लिए कतार में खड़े अधिवक्ता। संवाद- फोटो : संवाद







