विज़िट अर्न
डायमंड टास्क
फ्रेंड्स रिसीव, Inc
पॉइंट्स गेट
💢बोनस लॉग इन💢
️मोबाइल,
मकर संक्रांति पर संगम तट पर 15 जनवरी को आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। मेला प्रशासन ने इस मौके पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान के अनुमान को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। अरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। जो श्रद्धालु जिस तरफ से आएगा, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है।
मासिक क्लिक, अलीगढ़ के थाना बन्नादेवी क्षेत्र अंतर्गत खैर बाईपास रोड पर सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यहां स्थित एक ई-रिक्शा फैक्टरी के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़Published by:चमन शर्माUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:09 PM IST
विस्तारFollow Usउच्च शिक्षा निदेशक का चयन अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित चयन समिति करेगी। इस संबंध में शासन के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने निर्देश दिया है। अब चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा (समूह ‘क’) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2008 के प्रावधानों के अनुसार होगा।
वीडियो ऑफर, सारनव वर्ष के मद्देनज़र अजमेर जिला पुलिस पूरी तरह सतर्क है। शहर में शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा के नेतृत्व में शहर में पैदल मार्च निकालकर आमजन को स्पष्ट संदेश दिया गया कि नव वर्ष कानून व्यवस्था के दायरे में रहकर मनाया जाए।
वॉच डिपॉजिट बस्ती। नगर पालिका की ओर से शहर में साफ स्वच्छ पेयजल जलापूर्ति का दावा किया जा रहा है, मगर, शहर में बने ओवरहेड टैंकों की डेढ़ साल से सफाई ही नहीं कराई गई है। नगर पालिका अधिकारी बजट न होने का हवाला दे रहे हैं। वहीं दूषित पानी की सप्लाई से लोगों को सेहत को नुकसान का खतरा सता रहा है।
कचहरी में मुंह ढंककर लाया गया पारस सोम।- फोटो : अमर उजाला
ट्रांसफर स्टूडेंट, जिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।







