कम्पलीट
गेट ट्रांसफर
डायमंड ऑफर, Inc
ईज़ी ट्रांसफर
💢दैनिक रजिस्टर💢भीलवाड़ा के चितौड़ रोड स्थित गुवारड़ी नाले के पास टायर जलाकर ऑयल बनाने वाली फैक्टरी के प्रदूषण से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार को फूट पड़ा। लंबे समय से जहरीले धुएं की मार झेल रहे ग्रामीण अचानक तब उग्र हो गए जब गांव के दो युवक फैक्टरी के बॉयलर पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी देने लगे।
️पॉइंट्स डिस्काउंट,
विस्तारFollow Usदेश के 14 राज्यों में आपराधिक गतिविधियों के चलते चर्चा में रहे भोपाल के कुख्यात ईरानी गैंग के सरगना राजू ईरानी को भोपाल पुलिस सूरत से गिरफ्तार कर भोपाल ले आई है। निशातपुरा थाना पुलिस ने रविवार दोपहर उसे भोपाल जिला अदालत में पेश किया, जहां से उसे 17 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। फिलहाल राजू ईरानी को निशातपुरा थाने में कड़ी सुरक्षा के बीच रखकर पूछताछ की जा रही है।
कम्पलीट पॉइंट्स, संवाद न्यूज एजेंसीPublished by:गायत्री जोशीUpdated Sat, 10 Jan 2026 03:53 PM IST
ज्ञानपुर। सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में मशीन खराब होने से 14 किडनी के मरीज दर्द से कराह रहे हैं। यूनिट में एक मशीन 45 दिन से खराब है। जिम्मेदार अनभिज्ञ बने हैं।
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:39 AM IST
मासिक कमेंट,
पुराना ईज़ी बाढड़ा। प्रदेश सरकार की वाटर शेयरिंग स्कीम से लंबे समय से समान पानी से वंचित रहे बाढड़ा, लोहारु, दादरी, भिवानी सहित समस्त दक्षिणी हरियाणा को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस बहुउद्देशीय योजना के लिए क्षेत्र के किसान पूर्व कृषि, वित्त मंत्री जयप्रकाश दलाल के आभारी रहेंगे।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सिल्वर विज़िट, भिवानी। पिछले तीन माह से जिले के करीब 45 हजार एकड़ खेतों में तबाही मचाने वाला बरसाती पानी अब जलघर के टैंकों में प्रदूषण का जहर घोलने लगा है। सिंचाई विभाग की अथक कोशिशों से जलभराव में डूबे गांवों के आबादी क्षेत्र से पानी की निकासी करा दी गई है लेकिन बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के कुछ गांव अभी भी बरसाती जलभराव की मार झेल रहे हैं। जाटूलुहारी, दांग खुर्द और रिवासा सहित प्रेमनगर व तिगड़ाना के खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए नासूर बना हुआ है। कई महीनों तक ड्रेनों के जरिए पानी की निकासी कराई गई लेकिन अब बड़ी नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों में भी खेतों का सड़ चुका दूषित पानी छोड़ा जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर टैंकों में प्रदूषण का जहर पहुंच रहा है। जिन गांवों के जलघर जलभराव के दौरान डूब गए थे उनके टैंक अब भी बदहाल पड़े हैं और सफाई के लिए अधिकारी बजट का इंतजार कर रहे हैं।







