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💢गेम💢बूंदी में हुए भीषण हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौत- फोटो : अमर उजाला
️फ्रेंड्स,सारBihar:हादसे के बाद स्थिति इतनी भयावह थी कि ट्रक में फंसे दो शवों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। जिला प्रशासन की टीम और जेसीबी की मदद से शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया।
रविवार को बेमेतरा जिले के नवागढ़ में तीन दिवसीय गुरु घासीदास जयंती समारोह व राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता का समापन हो गया। इस समापन कार्यक्रम में सीएम विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, स्थानीय नवागढ़ विधायक व खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल समेत अन्य नेता मौजूद थे।
रजिस्टर, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:24 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:53 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदाPublished by:पटना ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 04:21 PM IST
बुलंदशहर। पूर्व विधायक मरहूम हाजी अलीम के भतीजे सूफियान की हत्या के मामले में एक सप्ताह बाद भी पांच आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। सूफियान और उसके भाई अकरम से लूटे गए मोबाइल फोन भी नहीं मिले हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
मासिक कैश, छतरपुर शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दुल्हन अपने पिता और कथित गुंडों के साथ ससुराल पहुंची और सास-ससुर के साथ मारपीट कर दहेज में दी गई मोटरसाइकिल को बांधकर घसीटते हुए ले गई। पूरी घटना का वीडियो अब सामने आया है।
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विस्तारFollow Usभिंड जिले के लहार थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। नानपुरा गांव के पास टूटी हुई पुलिया से गुजरते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर नहर में गिर गया। इस हादसे में ट्रैक्टर के नीचे दबने से 3 किसानों की मौके पर ही मौत हो गई। ये तीनों यूपी से अपनी धान की फसल बेचकर लौट रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकलवाया और हॉस्पिटल भिजवाया।
मोबाइल, सारइंदौर में दूषित पानी की घटना के बाद पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में 155 लैब होने के बावजूद सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट हैं और भोपाल की प्रदेश स्तरीय लैब में भी चीफ केमिस्ट का पद खाली है। हर साल 400 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पानी की जांच आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रही है।







