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💢छोटा रिवॉर्ड्स💢बरेली के सिरौली थाना इलाके में किसान सुरेशपाल की हत्या का पर्दाफाश हो गया है। पूछताछ में पता चला कि सुरेशपाल की पत्नी ममता ने अपने प्रेमी होतम सिंह के साथ मिलकर उसकी हत्या कराई थी।
️मोबाइल क्लिक,संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:13 PM IST
MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
विज़िट अर्न, बर्दिया में माघी महोत्सव में कार्यक्रम प्रस्तुत करतीं थारू समाज की महिलाएं। -संवाद
श्रीदत्तगंज। उतरौला क्षेत्र के ग्राम गुलरहा के मजरे बरगदही में सोमवार शाम करीब 4:30 बजे निजी विद्यालय के शिक्षक राजू वर्मा (22) का शव गांव के बाहर गन्ने के खेत में पेड़ से लटकता मिला। मां ने बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से जांच व कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या की बात कह रही है।
बिछिया। भारत-नेपाल सीमा से सटे गांव बर्दिया में थारू जनजाति जागरूकता समिति की ओर से शनिवार को माघी महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। बर्दिया खेल मैदान में तहसीलदार पयागपुर अंबिका चौधरी ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि माघी महोत्सव थारू समाज की संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:08 PM IST
गेट विथड्रॉ, बरनही में आयोजित एसआईआर को लेकर आयोजित बैठक के दौरान अतिथियों को 51 किग्रा का माला पहनाकर स्वा
पॉइंट्स फ्रेंड्स विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 08:15 PM IST
स्टूडेंट अर्न, संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:38 PM IST







