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विस्तारFollow Usपवित्र नगरी अमरकंटक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को दंपति के साथी 4 वर्षीय बालक को जहरीला पेज खाने से बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया। इन तीनों ने घर में कोदो कुटकी का पेज खाया था।
सुपर इनवाइट, संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:30 PM IST
अंबिकापुर के अधिवक्ता नीरज वर्मा ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, अंबिकापुर के सामने एक कंप्लेंट केस फाइल किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महावीर हॉस्पिटल में गत दिनों उनकी बेटी कु. आंचल वर्मा को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था,उसे टाइफाइड और डेंगू का पता चला था और क्योंकि प्लेटलेट काउंट कम हो रहा था, इसलिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन की ज़रूरत थी और इसलिए, दो यूनिट ब्लड की ज़रूरत थी। इलाज के दौरान अस्पताल के संचालक डाक्टर सुधांशु किरण और अधिवक्ता नीरज वर्मा के बीच कुछ कहासुनी हुई। नीरज वर्मा का आरोप था कि उनके साथ बुरा बर्ताव किया गया और सभी सुविधाएं होने के बाद भी मरीज़ का इलाज करने से मना किया गया था।चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट,अंबिकापुर के आदेश पर गांधी नगर पुलिस ने अस्पताल संचालक पर एफ आई आर दर्ज किया था।
विशेष वेरिफाई, 1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
लॉग इन सऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन उसका शव अब तक भारत नहीं पहुंच पाया है। शव न आने से परिवार गहरे सदमे में है और मां बेटे की अंतिम झलक के इंतजार में हर दिन टूटती जा रही है।
विस्तारFollow Usबालोद जिले के डौंडीलोहारा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा शिक्षक प्राचार्य के साथ काम नहीं करना चाह रहे, प्रशासन से लेकर मंत्री तक मामले की शिकायत हो चुकी है महिला शिक्षकों ने अभद्रता का आरोप लगाया है तो वहीं दूसरे तरफ 22 एकड़ के कैंपस की सफाई बच्चों से कराने का आरोप शिक्षक लगा रहे है। दरअसल मामला तब गरमाने लगा जब शिक्षकों का पैसा संस्था प्रमुख द्वारा काट लिया गया शिक्षक कह रहे की प्रशासनिक अनुमति है शनिवार अवकाश की तो संस्था प्रमुख ने कहा कि मुझे अब तक कोई आदेश नहीं मिला है वहीं एक शिक्षक ने तो प्राचार्य के वजह से आत्महत्या तक कर लेने की बात कही।
बोनस फ्री, अमृतसर में प्रदर्शन करते अकाली दल के कार्यकर्ता- फोटो : संवाद







