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💢लॉग इन💢औरैया। जिले के थानों व कोतवाली में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें अधिकारी और कर्मचारी तो पहुंचे, लेकिन फरियादियों की संख्या बहुत कम रही।
️बड़ा गेम,सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालविकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद
सारBanswara News: बांसवाड़ा में बढ़ती सर्दी के बीच बेघर और जरूरतमंद लोग खुले आसमान तले रात बिताने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन और नगर परिषद के दावों के बावजूद रैनबसेरों में व्यवस्था नदारद है।
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विस्तारFollow Usतीन दशकों तक जंगलों में दहशत फैलाने वाले माओवादी संगठन का बालाघाट जिले से पूर्ण सफाया हो गया है। गुरुवार को जिले में सक्रिय बचे हुए दो हार्डकोर माओवादी दीपक उर्फ सुधाकर उर्फ मंगल उइके और उसके साथी रोहित (एसीएम, दर्रेकसा एरिया कमेटी) ने कोरका स्थित सीआरपीएफ कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जिले में कोई हार्डकोर नक्सली नहीं रह गया है।
सारआरोपी ने नाबालिग के अकेले होने का फायदा उठाते हुए उसके साथ दरिंदगी की। घटना के समय नाबालिग की मां और दादी खेत में धान काटने गई थी।
इनाम विथड्रॉ, अमर उजाला नेटवर्क, भाटापाराPublished by:राहुल तिवारीUpdated Thu, 11 Dec 2025 08:36 PM IST
ऑनलाइन अर्न विस्तारFollow Us'जिन्हें नसीब नहीं छत, उनकी करें बात, सर्द हवाओं में खुले आसमां तले गुजर रही रात' किसी कवि की कविता की यह पंक्तियां बांसवाड़ा जिले में उन लोगों पर सटीक बैठ रही है, जो बेघर और जरूरतमंद हैं। सर्द हवाओं में जरूरतमंद ठिठुरने को मजबूर हैं, लेकिन जिला प्रशासन और नगर परिषद ने अभी तक ऐसे परिवारों को राहत देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
सारशाहाबाद में हाईवे पर हुए भीषण हादसे में ट्रैक्टर ट्रॉली को एक ट्रॉले ने टक्कर मार दी। हादसे मे दो लोगों की मौत हो गई।
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