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💢वेरिफाई रजिस्टर💢सारगंभीर रूप से घायल खेमराज को पहले पिपरवानी अस्पताल ले जाया गया और बाद में हालत नाजुक होने पर नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हमले में उनके शरीर पर पंजों के गहरे घाव और सिर में गंभीर चोटें आई हैं।
️विन,अमरोहा के गांधी मूर्ति चौराहा पर नारेबाजी करते धरने पर बैठे आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी। संवाद
गोल्ड लाइक, कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
उत्तर प्रदेश में विक्षोभ के असर से मौसम का मिजाज बदल गया है। शुक्रवार को सुबह नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर में हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं मथुरा में बूंदाबांदी के साथ ओले भी गिरे। तराई व पश्चिमी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा रहा। पूर्वानुमानों के मुताबिक, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिन चढ़ने के साथ गुनगुनी धूप खिली। साथ ही कई जिलों में दिन के तापमान में हल्की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, यूपी के बहराइच जिले से स्कूलों को लेकर अपडेट सामने आया है। अभी स्कूल बंद चल रहे हैं।आइए जानते हैं कब खुलेंगे स्कूल?
अल्मोड़ा। साप्ताहिक बंदी के बाद खुले अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ी। ओपीडी में उपचार के लिए सोमवार को 901 मरीज पहुंचे। दवा वितरण कक्ष, पर्ची काउंटर से लेकर चिकित्सक कक्ष तक मरीजों की भीड़ रही। मरीजों को कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:31 PM IST
शेयर, बागेश्वर। मनकोट गांव की बुजुर्ग महिला की मौत को लेकर बने रहस्य से अब पर्दा उठ गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद वन विभाग ने पुष्टि की है कि महिला की मौत वन्यजीव के हमले के कारण ही हुई थी। इस खुलासे के बाद वन विभाग ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।
ट्रांसफर गेम बलरामपुर। बरसात से पहले रिंग रोड का निर्माण कार्यदायी संस्था को पूरा करना है। डीएम विपिन कुमार जैन व एसपी विकास कुमार ने शनिवार को निरीक्षण करके कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों को समय से कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया।
अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
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