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मकर संक्रांति पर संगम तट पर 15 जनवरी को आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। मेला प्रशासन ने इस मौके पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान के अनुमान को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। अरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु जिस तरफ से आएंगे, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है। 2024 में मकर संक्रांति पर करीब 29 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस बार भीड़ को देखते हुए स्नान घाटों की लंबाई बढ़ाकर 3.69 किमी कर दी गई है। पिछली बार यह लंबाई केवल दो किमी ही थी। मेला क्षेत्र में 106.24 किमी लंबाई में चकर्ड प्लेट से सड़कें तैयार की गई हैं। तीर्थ पुरोहितों, आचार्यबाड़ा, दंडीबाड़ा, खाक चौक सहित प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के शिविर सज चुके हैं।
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छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के युवाओं के लिए एक बड़ी सौगात आई है। जिला प्रशासन अब प्रतिभाशाली युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग और कैरियर मार्गदर्शन प्रदान करेगा। यह पहल जिले में चल रहे 'हम होंगे कामयाब' अभियान के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें प्रशासनिक, तकनीकी और सेवा क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर देना है।
India-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसीविवेकानंद यूथ अवॉर्डWest Bengal Politicsबैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलावदालमंडी में बुलडोजर एक्शनModi-Merz Meet LIVEIND vs NZUPWest Bengal Poll
अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:विजय पुंडीरUpdated Sat, 27 Dec 2025 10:26 AM IST
कम्पलीट डाउनलोड, विस्तारFollow Usराजस्थान में बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए ताजा फेरबदल को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस निर्णय पर कड़ा एतराज जताते हुए राज्य की भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। गहलोत ने इसे न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अव्यावहारिक बताया, बल्कि आमजन के हितों के खिलाफ लिया गया फैसला करार दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:01 AM IST
ऐप शेयर, विस्तारFollow Usपंजाब में पिछले आठ वर्षों के दौरान अमृतसर और जालंधर ने वायु गुणवत्ता सुधार में सबसे अधिक प्रगति की है। ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) की रिपोर्ट के अनुसार, अमृतसर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 2017 में 189 था, जो 2025 तक घटकर 87 हो गया, यानी 54% कमी। इसी तरह, जालंधर का एक्यूआई 178 से घटकर 99 हुआ, यानी 45% की गिरावट दर्ज की गई।







