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💢डाउनलोड इनवाइट💢कोतमा न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश अमनदीप सिंह छाबड़ा के निवास पर बदमाशों ने पत्थरबाजी कर जान से मारने की धमकी, गेट लैंप एवं एंगल को तोड़फोड़ सहित न्यायालय की गरिमा के विपरीत टिप्पणी के मामले की सुनवाई करते हुए जमानत को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दिया है।
️इंस्टेंट शेयर,हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 01:53 PM IST
बड़ा डाउनलोड, सारछत्तीसगढ़ के बालोद जिले में 9 जनवरी से 13 जनवरी तक आयोजित होने वाली नेशनल जंबूरी को लेकर राज्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने प्रमुख जानकारी दी।
बलिया/पंदह। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जनपद के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए निजी विद्यालयों में प्रवेश का अवसर मिल गया है। सत्र 2026-27 में जिले के 773 निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्री-प्राइमरी और कक्षा एक की सीटों के सापेक्ष 25 प्रतिशत सीटों पर आरटीई के तहत प्रवेश कराया जाएगा। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन का पत्र मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत अमाही ताल गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पति ने अपनी 26 वर्षीय गर्भवती पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। मृतका की पहचान रामकुंवर बाई उर्फ रानी के रूप में हुई है। आरोपी पति नन्नू आदिवासी वारदात के बाद फरार बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर मामले की जांच शुरू कर दी।
इनवाइट पैसे, विस्तारFollow Usनक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के अंतिम चरण में बालाघाट जिले में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। समर्पित नक्सलियों से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर सीआरपीएफ की 123 बटालियन ने शनिवार को रूपझर थाना क्षेत्र अंतर्गत दुगलई आमानाला के घने जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाकर नक्सलियों का एक विस्फोटक डंप बरामद किया। नक्सलियों ने इस डंप को प्लास्टिक केन में छिपाकर रखा था, जिसका इस्तेमाल सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की साजिश के तहत किया जाना था।
विशेष शेयर विस्तारFollow Usबारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बड़वानीPublished by:बड़वानी ब्यूरोUpdated Thu, 11 Sep 2025 10:07 PM IST
डिपॉजिट स्टूडेंट, संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:47 AM IST







