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️विशेष डिस्काउंट,T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्ड
छतरपुर बस स्टैंड के पास मस्जिद की सुरक्षा में लगे पुलिस टेंट में आग लगाने के मामले में न्यायालय ने आरोपी धनीराम आदिवासी को दोषी ठहराया। उसे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर पांच वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
ईज़ी डाउनलोड, सारराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को भीलवाड़ा प्रवास के दौरान एक विवाह समारोह में शिरकत की और सैकड़ों परिवारों के बीच पारिवारिक एकता, संस्कार और संवाद की महत्ता पर विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ परिवार ही सशक्त समाज की नींव है।
चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदीPublished by:बूँदी ब्यूरोUpdated Sat, 27 Sep 2025 11:13 AM IST
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:23 AM IST
सर्वे इंस्टेंट, विस्तारFollow Usपटना समेत कई जिलों में धूप ने ठंड से थोड़ी राहत दी है। यह स्थिति पांच दिनों तक रहेगी। इस कारण न्यूनतम तापमान में भी दो से तीन डिग्री तक वृद्धि होगी। हालांकि, धूप रविवार को भी निकली थी लेकिन ठंड से राहत नहीं मिली थी। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक ठंड समस्तीपुर में पड़ी। यहां का न्यूनतम तापमान चार डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा 15 जिलों का तापमान साढ़े आठ डिग्री से कम रहा। शाम होते ही एक बार फिर कनकनी बढ़ने लगेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में फिलहाल मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा और अगले पांच दिनों तक दिन में खिली धूप निकलने की संभावना है, जबकि सुबह के समय कुहासा धीरे-धीरे कम होगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 17 जनवरी के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद ठंड बढ़ेगी। आसमान में बादल भी छाए रहने के आसार है। कुछ इलाकों मेें बूंदाबांदी भी हो सकती है।
गेट लाइक
सारबिलासपुर रेल मंडल में एक बार फिर रेलवे प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, कोटमी सोनार और जयरामनगर स्टेशन के बीच एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेनें एक साथ नजर आने से हड़कंप मच गया।
वीडियो, चंडीगढ़। प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित मेडिकल बिलों के निपटारे के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। शिक्षकों व कर्मचारियों की शिकायतों के बाद विभाग ने मेडिकल बिल भुगतान की शक्तियां अधिकारियों में विभाजित कर दी हैं ताकि भुगतान में हो रही देरी खत्म की जा सके।







