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💢स्टूडेंट लॉग इन💢-खजांची बाजार स्थित श्री रघुनाथ मंदिर में रामचरित मानस के सुंदरकांड का पाठ अपराह्न तीन बजे से।
️मेगा गेट,आलापुर(अंबेडकरनगर)। वर्ष की 12 संक्रांतियों में मकर संक्रांति का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। सनातन धर्म में इसे अत्यंत पुण्यदायक पर्व माना गया है। इस वर्ष मकर संक्रांति 15 जनवरी बृहस्पतिवार को मनाई जाएगी। इसी दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे सूर्य का उत्तरायण प्रारंभ होगा और खरमास का समापन होगा।
विस्तारFollow Usबालोतरा जिले के सिणधरी थाना क्षेत्र से रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि भाटा गांव की सरहद में एक प्रेमी युगल ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। राह से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों ने पेड़ पर एक साथ लटके दो शव देखे तो उनके होश उड़ गए। घटना की सूचना देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में जंगल की आग की तरह फैल गई और लोग मौके पर जमा होना शुरू हो गए।
इनवाइट, Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़Updated Tue, 13 Jan 2026 02:12 AM IST
फोटो-14-डाॅ.अजित द्विवेदी को हिंदी साहित्य रत्न से सम्मानित करते हिंदी प्रेमी।संवाद
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:27 PM IST
कूपन इनवाइट, विस्तारFollow Usराजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा शुक्रवार को विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के साक्षात्कारों का विस्तृत कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। इसके अनुसार राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024 के चतुर्थ चरण के इंटरव्यू 19 जनवरी से शुरू होकर 29 जनवरी तक चलेंगे। इस भर्ती के साक्षात्कार में उपस्थित होने वाले समस्त अभ्यर्थियों को ऑनलाइन भरे गए विस्तृत आवेदन पत्र डाउनलोड कर साक्षात्कार के समय दो प्रतियों में मय समस्त प्रमाण-पत्रों की फोटो प्रति एवं समस्त मूल प्रमाण-पत्रों सहित प्रस्तुत करना होगा।
पॉइंट्स ईज़ी अमर उजाला नेटवर्क, भाटापाराPublished by:राहुल तिवारीUpdated Thu, 11 Dec 2025 07:54 PM IST
डिस्काउंट टास्क, अल्मोड़ा में उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी की प्रसिद्ध राजमा पर जलवायु परिवर्तन और मौसम का असर पड़ा है। एक दशक पहले तक जहां 1450-1800 मीटर की ऊंचाई पर राजमा की खेती होती थी, वहीं अब वर्तमान में 1800-2400 मीटर की ऊंचाई पर इसकी पैदावार हो रही हैं। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा, कुमाऊं विवि और गढ़वाल केंद्रीय विवि के संयुक्त शोध में इस बात का खुलासा हुआ है।







