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💢डिस्काउंट वीडियो💢सारबीजापुर वनमंडल में कूप कटाई को लेकर ग्रामीणों के बीच उपजे असमंजस और आपत्तियों के बीच, वन विभाग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने जोर देकर कहा है कि कूप कटाई की प्रक्रिया पूरी तरह से शासन के प्रावधानों, पर्यावरणीय नियमों और ग्रामसभा की अनुमति के अनुरूप ही की जा रही है।

️डिपॉजिट,क्रिकेट - पुलिस मैदान बारगाह में विंटर क्रिकेट कप प्रतियोगिता के तहत सुबह 10 बजे खज्जियार और एचएनजीएल के बीच मैच होगा।

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 06:39 PM IST

अतिरिक्त ट्रांसफर,

विस्तारFollow Usअब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन का मतलब केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि उसका असर आम लोगों के जीवन में और अधिकारियों के कामकाज में साफ नजर आना चाहिए। वे नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह को संबोधित कर रहे थे।

वॉच ऑफर, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त

इंस्टेंट ऑनलाइन अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:52 AM IST

विस्तारFollow Usजाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।

वेरिफाई विन, जिला पंचायत के सभागार में हुई बोर्ड बैठक में मौजूद सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष व अ​धिकार

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