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💢दैनिक ईज़ी💢ग्वालियर के अधिवक्ता अनिल मिश्रा एवं उनकी टीम के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में मंगलवार को भिंड जिले की लहार तहसील में अधिवक्ता संघ के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। अधिवक्ता बड़ी संख्या में जमा होकर लहार एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने विरोध दर्ज कराते हुए एसडीएम को ज्ञापन दिया। इस दौरान ग्वालियर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
️लॉग इन कमेंट,मुंगेली जिले के लोरमी ब्लॉक में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो बुजुर्ग महिलाओं को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। इस त्रुटि के कारण उनका नाम राशन कार्ड से हटा दिया गया है, जिससे वे राशन प्राप्त करने से वंचित हैं। 70 वर्षीय बैगा आदिवासी महिला सहबीन बैगा और सूरजा बाई को मृत माने जाने के कारण पिछले चार महीनों से राशन नहीं मिल पा रहा है।
विस्तारFollow Usभरतपुर के चिकसाना थाना क्षेत्र स्थित न्यू पुष्प वाटिका कॉलोनी में रात के समय एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। रिटायर्ड डिप्टी जेलर सुरजीत सिंह के घर चोरों ने धावा बोलते हुए सोना, चांदी और कीमती सामान चोरी कर लिया। घटना के समय परिवार के सदस्य पास ही पड़ोसी के घर एक कार्यक्रम में शामिल थे।
विथड्रॉ डिस्काउंट, सारप्रियंका गांधी के जन्मदिन पर नगर कार्यालय पर जिलेभर के कांग्रेसी एकत्र हुए। प्रियंका के जन्मदिन का केक काटते ही अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष वसीम अकरम और नगर अध्यक्ष झालू मुकीम के बीच मारपीट होने लगी। इसका वीडियो वायरल हो रहा है।
भोपाल के परिवार न्यायालय में रिश्तों से जुड़ा एक असामान्य मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) बनी एक महिला ने अपने पति से तलाक की अर्जी दी है। महिला का कहना है कि पति के धोती-कुर्ता पहनने और सिर पर चोटी रखने के कारण उसे शर्मिंदगी महसूस होती है।
विस्तारFollow Usजिला जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 22 साल के कैदी ने जेल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। आरोपी पिछले 3 साल से जेल में विचाराधीन कैदी बतौर बंद था। हाल ही में 24 दिसंबर को छतरपुर जिला न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और सजा के 24 घंटे बाद उसने जेल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से जिला जेल में हड़कंप मचा हुआ है।
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मेगा पॉइंट्स न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Thu, 16 Oct 2025 08:12 PM IST
गणेश प्रतिमा हटाते लोग। मृतक शशांक (फाइल फोटो)- फोटो : अमर उजाला
विज़िट पैसे, कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।







