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️डिपॉजिट,टनकपुर (चंपावत)। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती ने उप जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट समेत अन्य चिकित्सा सुविधा को लेकर मरीजो और तीमारदारों से संवाद किया। उनके फीडबैक पर अधिकारियों को और अधिक बेहतर सुविधा देने के निर्देश दिए।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:आदित्य आनंदUpdated Tue, 06 Jan 2026 11:07 AM IST
वेरिफाई, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
अमर उजाला ब्यूरो, लुधियानाPublished by:शाहिल शर्माUpdated Sun, 11 Jan 2026 06:33 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Thu, 18 Dec 2025 08:06 PM IST
बोनस साइन अप, बैतूल जिले का दो साल का निहाल धुर्वे अब नहीं रहा। पिता निखिलेश धुर्वे का गला भर आता है, जब वो बताते हैं कि अपने इकलौते बेटे को बचाने के लिए उन्होंने मजदूरी की कमाई से ज्यादा, रिश्तों का भरोसा दांव पर लगा दिया पर किस्मत ने साथ नहीं दिया।
सर्वे सब्सक्राइब राजस्थान की सतरंगी संस्कृति का अनोखा संगम इन दिनों बीकानेर में देखने को मिल रहा है। आज से इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 की भव्य शुरुआत हो गई है, जो 9 से 11 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इस महोत्सव में ‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंटों की शान के साथ-साथ राजस्थानी परंपराओं, लोक संस्कृति और रंग-बिरंगे आयोजनों की झलक देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में सजे-धजे ऊंट, रौबीली मूंछों-दाढ़ियों वाले युवक और पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
हलैना कस्बे में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक फीमेल डॉग ने आतंक मचा रखा है। पिछले दो दिनों से यह कुतिया लगातार बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों पर हमला कर चुकी है। अब तक 18 बच्चे, 2 शिक्षक और गांव के 7 लोग इस हमले का शिकार बन चुके हैं, जिनमें से कई का इलाज जारी है। कुल मिलाकर 27 लोग घायल हुए हैं।
गेट, जिले के अर्जुनसर गांव निवासी 22 वर्षीय अजय गोदारा की रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत हो गई। धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर युद्ध के मोर्चे पर भेजे गए अजय का शव बुधवार को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से परिजन उसे गांव लेकर आए और अंतिम संस्कार किया गया। परिवार का आरोप है कि शव पूरी तरह सड़ चुका था और इतनी खराब हालत में था कि परिजनों को ठीक से दिखाने तक नहीं दिया गया। मौत कब और कैसे हुई, इसकी भी कोई स्पष्ट जानकारी परिवार को नहीं दी गई।







