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बाह। बिजकौली के बेसमेंट हादसे में मृतकों के परिजन से संवेदना जताकर बाह की विधायक पक्षालिका सिंह ने तहसील प्रशासन को मुआवजे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। बिजकौली गांव में 14 दिसंबर को निर्माणाधीन बेसमेंट की ढ़ही दीवार के मलबे में 7 लोग दब गए थे। जिनमें से हीरालाल एवं योगेश कुमार उर्फ योगेंद्र की मौत हो गई थी। उत्तम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सुनील कुमार, रामेंद्र सिंह, कल्लू घायल हुए थे। सोमवार को बाह की विधायक पक्षालिका सिंह बिजकौली गांव में पहुंची, बेसमेंट हादसे की जानकारी ली। मौके से ही तहसील प्रशासन से बात की और मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। इस दौरान बाह के ब्लॉक प्रमुख लाल सिंह चौहान, सुनील बाबू, चंदू भदौरिया, धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, अल्केंद्र सिंह जादौन, जयपाल सिंह आदि रहे।
स्टूडेंट पैसे, बारां जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के मंडोला के पास शुक्रवार देर रात हुए सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना उस समय हुई जब तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
विस्तारFollow Usराजस्थान की माटी का कण-कण शौर्य और गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है, लेकिन बानसूर विधानसभा क्षेत्र में यह गौरव आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। ग्राम हाजीपुर और बानसूर मुख्य कस्बे की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जो किले कभी सुरक्षा के अभेद्य कवच और राजपूताना आन-बान-शान के प्रतीक थे, वे आज सरकारी फाइलों में गुम होकर अपना अस्तित्व खो रहे हैं।
Tariff Threatईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?BangladeshTOP NewsUttarakhandUSUPReal Madridकपसाड़ कांडआज के दिन
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Tue, 13 Jan 2026 06:37 AM IST
अतिरिक्त कमेंट, बारां के केलवाड़ा कस्बे की निकटवर्ती ग्राम पंचायत दांता में विधायक कोष से बने हाट बाजार में धांधली और प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार द्वारा बनाए गए चबूतरों को पूरी तरह नकार दिया है। 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत होने के बावजूद भी मौके पर कोई नया ठोस निर्माण नहीं हुआ। महज पूर्व में बने चबूतरों की मरम्मत कर खानापूर्ति कर दी गई।
पॉइंट्स पॉइंट्स न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Sat, 20 Dec 2025 04:36 PM IST
साप्ताहिक शेयर, वारदात के बाद जांच करते पुलिसकर्मी।- फोटो : amar ujala







