लाइक
विज़िट साइन अप
ट्रांसफर, Inc
रिसीव कलेक्ट
💢पैसे💢अंबाला सिटी। फेडरेशन ऑफ सीनियर सिटीजन एवं पेंशनर्स एसोसिएशन की त्रिमासिक बैठक सोमवार को हुई। इसमें एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हरियाणा से समय देकर पेंशनरों की समस्याएं सुनने की मांग की।
️साप्ताहिक विज़िट,कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)Published by:चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 08:08 PM IST
कमेंट स्टूडेंट, अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:Digvijay SinghUpdated Wed, 07 Jan 2026 07:00 PM IST
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी (एमएमसी जोन) के प्रवक्ता अनंत ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक पत्र लिखकर सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों को रोकने की अपील की है। इस पत्र में उन्होंने इस बार 'नक्सली सप्ताह' न मनाने की घोषणा भी की है और सरकार से पुनर्वास के लिए समय मांगा है।
विस्तारFollow Usमहंगाई को मात देने और लंबी अवधि में अपनी पूंजी को बढ़ाने के लिए इक्विटी को हमेशा से सबसे सशक्त माध्यम माना गया है। फिक्स्ड इनकम या पारंपरिक निवेश के साधनों की तुलना में, इक्विटी में लंबी अवधि के दौरान 'परचेजिंग पावर' को न केवल बनाए रखने बल्कि उसे बढ़ाने की क्षमता अधिक होती है।
कूपन कलेक्ट, सारइलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी व्यक्ति की शिकायत पर विद्यालय के कर्मचारी के खिलाफ जांच करने के मामले में नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए अगली तिथि पर एडीजी (एसटीएफ) को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का आदेश दिया है।
डाउनलोड
विस्तारFollow Usउत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के मेडिकल संस्थानों की बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) की फर्जी डिग्री बेचने के मामले में अहम खुलासा हुआ है। एसटीएफ की जांच में पता चला है कि आरोपी मोहम्मद तारूक ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों के करीब 60 से 70 लोगों को बीएएमएस की फर्जी डिग्रियां बेची हैं।
अल्ट्रा ईज़ी, विस्तारFollow Usजिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।







