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️इनवाइट इनाम,भीलवाड़ा जिले के करेड़ा थाना क्षेत्र के नागा का बाड़िया गांव में बीती रात एक दिल दहला देने वाली पारिवारिक वारदात सामने आई। यहां एक पोते ने अपने ही दादा की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। घटना इतनी भयावह थी कि गांव में दहशत और तनाव का माहौल पैदा हो गया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर करेड़ा चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है। मृतक की पहचान मोहनलाल बागरिया के रूप में हुई है।
लोहाघाट के ग्रामपंचायत पाटन पाटनी के कनेड़ा प्रेमनगर तोक में हर घर जल योजना में हो रही देरी पर
रिसीव, भीलवाड़ा जिले के करेड़ा थाना क्षेत्र के नागा का बाड़िया गांव में बीती रात एक दिल दहला देने वाली पारिवारिक वारदात सामने आई। यहां एक पोते ने अपने ही दादा की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। घटना इतनी भयावह थी कि गांव में दहशत और तनाव का माहौल पैदा हो गया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर करेड़ा चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया है। मृतक की पहचान मोहनलाल बागरिया के रूप में हुई है।
विस्तारFollow Usबांका जिले के चमरैली गांव से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रेम प्रसंग और सामाजिक बदनामी के भय में एक अधिवक्ता पिता और उसके बेटे ने मिलकर अपनी ही नाबालिग बेटी/बहन की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। शनिवार की सुबह गांव के नहर से किशोरी का रक्तरंजित शव मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि घर के अंदर ही अंजाम दी गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए इसे ऑनर किलिंग करार दिया है।
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अनूपशहर। कस्बे के मलकपुर रोड के सामने स्थित एक निजी क्लीनिक पर डिलीवरी के पांच दिन बाद एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने नर्सिंग होम संचालक पर गलत ऑपरेशन से पेट में संक्रमण फैलने का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नर्सिंग होम को सील कर दिया है।
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चहनिया। भुपौली पंप कैनाल से नहर में पानी छोड़े जाने से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि नवंबर में भारी बारिश के चलते अभी खेतों में पर्याप्त नमी है। इस कारण गेहूं की बुआई दिसंबर के अंतिम सप्ताह व जनवरी के प्रथम सप्ताह में की गई। ऐसे में नहर में पानी छोड़े जाने के कारण किसानों का भारी नुकसान हो रहा है। लगभग 2 प्रतिशत किसान अपनी फसलों को भरने के लिए टेल पर पानी ले जाना चाहते हैं और कुलावे को खुला छोड़ दे रहे हैं। जिससे अन्य किसानों की फसलें डूब जा रही हैं, जिससे आए विवाद हो रहा
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