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💢डिस्काउंट💢आगर पुलिस ने फिल्म “पुष्पा” स्टाइल में हो रही करोड़ों रुपये की शराब तस्करी का पर्दाफाश किया है। कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को एक बड़े टैंकर को जब्त किया, जिसमें 600 से अधिक पेटियां अंग्रेजी शराब छुपाकर ले जाई जा रही थीं। यह अवैध खेप चंडीगढ़ से गुजरात भेजी जा रही थी।
️मासिक फ्रेंड्स,विस्तारFollow Usगुजरात में शराब बिक्री पर प्रतिबंध होने के बावजूद वहां चोरी-छिपे अवैध शराब की सप्लाई लगातार जारी है। तस्कर इस काम के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में सामने आया, जहां पुलिस ने सेनेटरी नैपकिन के कार्टनों की आड़ में तस्करी कर ले जाई जा रही 50 कार्टन अवैध शराब जब्त की। इस कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। जब्त शराब की कीमत करीब 5 लाख 25 हजार रुपए आंकी गई है।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
रजिस्टर बोनस, बालाघाट में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।- फोटो : अमर उजाला
फोटो-12-शहीद पार्क में उपवास पर बैठे कांग्रेसी। स्रोत, पदाधिकारी- फोटो : एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए आप कार्यकर्ता। स्रोत: पार्टी
अमरोहा में रविवार को पीट-पीटकर मारे गए राशिद हुसैन का फाइल फोटो
विशेष लॉग इन, संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:09 PM IST
इनाम लॉग इन विस्तारFollow Us'आजादी के आंदोलन में आदिवासियों का बड़ा योगदान रहा। प्रकृति की पूजा करने वाले आदिवासियों के कारण ही जल, जंगल और जमीन के साथ ही संस्कृति सुरक्षित है। राजस्थान सरकार आदिवासियों के कल्याण के लिए कृत संकल्पित है।' मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डूंगरपुर में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राज्य स्तरीय जनजाति गौरव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।
सीबीआई कोलकाता की आर्थिक अपराध शाखा ने नाबार्ड बैंक भोपाल के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई नाबार्ड भोपाल के डीजीएम नंदू जे नायक की शिकायत पर की गई। मामले में सेंधवा के निमाड़ एग्रो पार्क के संचालक अर्पित कुमार तायल, निकुंज तायल, अशोक कुमार तायल और अंकित कुमार तायल आरोपी हैं।
गेट रिवॉर्ड्स, विस्तारFollow Usमहाकुंभ की तरह माघ मेला श्रद्धा के साथ ही व्यापार का भी बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। संगम तट पर लगने वाला यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि इससे स्थानीय और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी व्यापक संबल मिलता है।







