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💢विशेष रिसीव💢सारसऊदी अरब में 13 नवंबर 2025 को रमेश की मौत हो गई थी। इसके बाद उसका शव अभी तक भारत नहीं पहुंचा है। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब भारतीय दूतावास ने बताया है कि सऊदी पुलिस की फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद शव भारत पहुंचेगा।
️कैश रिसीव,बदायूं। शहर के आंबेडकर छात्रावास के पीछे स्थित नगर पालिका के ओवरहेड टैंक की सफाई के नाम पर पिछले छह दिन से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। इससे जुड़े पांच वार्डों के करीब 50 हजार लोग पीने के पानी के लिए परेशानी झेल रहे हैं।
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, श्रेष्ठ ग्राम पंचायतों, श्रेष्ठ स्वैच्छिक संस्थाओं (एनजीओ) व अन्य श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए जाएंगे। इन पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सरकार की ओर से पोर्टल 12 जनवरी 2026 तक खोला गया है। पात्र व्यक्ति व संस्थाएं निर्धारित अवधि में ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए आवेदक संबंधित विभाग या सरकारी पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं।
विन ऑफर, शहीद स्मारक बिलासपुर में सुबह से धरना प्रदर्शन पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:आशुतोष प्रताप सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:02 PM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
अतिरिक्त सर्वे, अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:44 AM IST
साइन अप वीडियो पीबीएम अस्पताल में महिला मरीज को गलत ब्लड चढ़ाया- फोटो : अमर उजाला
भिवानी। पिछले तीन माह से जिले के करीब 45 हजार एकड़ खेतों में तबाही मचाने वाला बरसाती पानी अब जलघर के टैंकों में प्रदूषण का जहर घोलने लगा है। सिंचाई विभाग की अथक कोशिशों से जलभराव में डूबे गांवों के आबादी क्षेत्र से पानी की निकासी करा दी गई है लेकिन बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के कुछ गांव अभी भी बरसाती जलभराव की मार झेल रहे हैं। जाटूलुहारी, दांग खुर्द और रिवासा सहित प्रेमनगर व तिगड़ाना के खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए नासूर बना हुआ है। कई महीनों तक ड्रेनों के जरिए पानी की निकासी कराई गई लेकिन अब बड़ी नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों में भी खेतों का सड़ चुका दूषित पानी छोड़ा जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर टैंकों में प्रदूषण का जहर पहुंच रहा है। जिन गांवों के जलघर जलभराव के दौरान डूब गए थे उनके टैंक अब भी बदहाल पड़े हैं और सफाई के लिए अधिकारी बजट का इंतजार कर रहे हैं।
कैश डिपॉजिट, विस्तारFollow Usबीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।







