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अर्न, देवकली में क्षतिग्रस्त और जर्जर हो चुकी पुलिया। संवाद- फोटो : संवाद
बालोतरा जिले के समदड़ी नगर पालिका क्षेत्र के मुथो के वेरा इलाके से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां रहने वाले महेंद्र माली का जीवन बीते करीब तीन दशक से बेड़ियों में बंधा हुआ है। मानसिक विक्षिप्तता से जूझ रहे महेंद्र को उनके ही परिजनों ने मजबूरी में जंजीरों से बांधकर रखा है, ताकि वह स्वयं को या दूसरों को नुकसान न पहुंचा सके।
वाल्टरगंज। क्षेत्र के गौरा गांव के पास सोमवार की दोपहर में राम ललित नाम के युवक की दबंगों पिटाई कर दी। आरोप है कि अनुसूचित जाति के युवक की पिटाई के बाद दबंगों ने उससे थूक भी चटवाई। थानाध्यक्ष शशांक कुमार सिंह ने बताया कि मामले में तहरीर मिली है, जांच कराई जा रही है। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के खुटहना गांव के रहने वाले राम ललित ने वाल्टरगंज पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि सोमवार की दोपहर में वह गनेशपुर जा रहा था। आरोप है कि रामपुर गनेशपुर और गौरा गांव के युवक ने तीन-चार अज्ञात साथियों के साथ उसे घेर लिया। आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जानमाल की धमकी दी और लाठी-डंडों से उसकी पिटाई कर दी। राम ललित का आरोप है कि दबंगों ने पिटाई के बाद उससे थूक चटवाई।
मासिक कमाई, एक बार फिर मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से आया अफ्रीकी चीता राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा से सटे जिले के किशनगंज इलाके में दिखाई दिया है। बताया जा रहा है कि चीता KP-2 किशनगंज रेंज के जंगलों में प्रवेश कर गया है, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। फिलहाल दोनों राज्यों के वन विभाग की टीमें चीते की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और उसे ट्रैक कर रही हैं।
रजिस्टर रजिस्टर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Sun, 30 Nov 2025 08:36 PM IST
बलिया। सड़क सुरक्षा माह (1-31 जनवरी तक) के तहत जिला परिवहन कार्यालय की ओर से टाउन डिग्री कॉलेज में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 156 चालक, परिचालक सहित आम लोगों ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कराई। चालकों का ब्लड प्रेशर और आंखों की जांच की गई। इनमें से 36 चालकों में दृष्टि दोष मिला। इनमें से 20 को चश्मा लगेगा। साथ ही 16 के चश्मे का नंबर बढ़ेगा।
डिपॉजिट, 1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।







