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💢इंस्टेंट💢चंडौस के गांव टीकरी निवासी अभिज्ञान ने अपनी पत्नी को लुटेरी दुल्हन बताकर थाने में रिपाेर्ट दर्ज करवाई थी, लेकिन वही महिला 10 जनवरी को चंडौस थाने पहुंच गई। लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए पति के साथ रहने की बात कहने लगी। फिलहाल पति और परिवार तैयार नहीं है। कोतवाल सत्यवीर सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता कराने का प्रयास किया जा रहा है।
️डायमंड डिपॉजिट,
आजमगढ़। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत ग्राम पंचायतों में कराए गए कच्चे कार्यों में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ हुआ। सामने आ रहा है। योजना की पारदर्शिता के लिए लागू नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) एप अब घोटाले का माध्यम बनता दिख रहा है। ऑनलाइन हाजिरी के नाम पर एक ही फोटो को बार-बार अलग-अलग कार्यों में और अलग-अलग दिन अपलोड कर मजदूरी का भुगतान कराया जा रहा है।
लॉग इन कम्पलीट,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:बालोतरा ब्यूरोUpdated Mon, 01 Dec 2025 11:04 PM IST
विस्तारFollow Usबुधवार–गुरुवार की मध्य रात्रि जबलपुर एसटीएफ की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड के पास उड़ीसा से गांजा तस्करी कर रहे एक ट्रक को जब्त किया है। इस दौरान 599 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही गांजा परिवहन में प्रयुक्त ट्रक को भी जब्त किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपये है।
विन इनवाइट, काम नहीं करने पर डांट खाने से नाराज बेटे ने अपने ही पिता की बेरहमी से बांस के डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह सनसनीखेज घटना मलाजखंड थाना क्षेत्र के भड़गांव गांव की है। वारदात के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टास्क इनवाइट गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
इनवाइट लॉग इन, संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:31 PM IST







