टास्क
बड़ा ईज़ी
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️छोटा डाउनलोड,अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 27 Dec 2025 07:43 PM IST
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बोरदेही मार्ग पर घाट में पलटी पिकअप, हादसे में 31 ग्रामीण घायल
विस्तारFollow Usअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर ने अपने चिकित्सा स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग में अब डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को हानिकारक एक्स-रे रेडिएशन से बचाने के लिए पोर्टेबल रेडिएशन बैरियर तैनात किए जाएंगे। संस्थान ने इसके लिए आधिकारिक निविदा जारी कर दी है।
विस्तारFollow Usरामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में पिछले एक महीने से चल रही इंतजार की घड़ियां रविवार को समाप्त होने को हैं। मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से ट्रांसलोकेट की गई बाघिन पीएन 224 आज रात तक बूंदी पहुंच सकती है। हवाई मार्ग से इंटर-स्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन का राजस्थान में यह पहला मामला है। इस ट्रांसलोकेशन में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई है और मामले को देखते हुए बूंदी रामगढ़ टाइगर रिजर्व से जुड़े तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है।
ईज़ी लाइक, सारइंदौर में दूषित पानी की घटना के बाद पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में 155 लैब होने के बावजूद सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट हैं और भोपाल की प्रदेश स्तरीय लैब में भी चीफ केमिस्ट का पद खाली है। हर साल 400 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी पानी की जांच आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रही है।
मासिक सर्वे
चहनिया । रामगढ़ वाया नादी गांव की सड़क पर जलभराव से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। शनिवार को ग्रामीणों ने पानी खड़े होकर प्रदर्शन किया। रोड नहीं, तो वोट नहीं के नारे लगाए। चुनाव से पहले अगर गांव की रोड की हालत नहीं सुधरी, तो कोई भी नेता ,विधायक, मंत्री को वोट के नाम पर गांव में घुसने नहीं देंगे।
विथड्रॉ, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।







