मासिक स्टूडेंट
ऑनलाइन अर्न
साइन अप ईज़ी, Inc
ऑनलाइन फ्रेंड्स
💢कमेंट कैश💢दिनोद गेट पर धंसी हुई जगह पर सीवरमैनहोल बनाने के लिए खोदा गया गड्ढा।
️अल्ट्रा मोबाइल,चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 06:02 AM IST
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
पॉइंट्स लाइक, सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग की एक महत्वपूर्ण सम्भागीय बैठक आगामी 11 जनवरी 2026 (रविवार) को कोया कुटमा भवन, परपा, जगदलपुर में आयोजित की जाएगी। बैठक का आयोजन सुबह 11 बजे से किया जाएगा, जिसमें बस्तर संभाग के सभी जिलों के पदाधिकारी एवं विभिन्न आदिवासी समाजों के अध्यक्ष शामिल होंगे।
बलरामपुर - रामानुजगंज जिले के कुसमी क्षेत्र अंतर्गत सेरंगदाग बॉक्साइट माइंस में श्रमिकों के साथ गंभीर अनियमितताओं और शोषण का मामला सामने आया है। खदान का संचालन कर रही बालाजी मार्बल एण्ड टाइल्स कंपनी पर श्रम कानूनों के खुलेआम उल्लंघन के आरोप लगे हैं। इस संबंध में खदान में कार्यरत श्रमिकों एवं सुपरवाइजरों ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर जांच व कार्रवाई की मांग की है।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
लव मैरिज के पांच साल बाद विवाहिता की घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना पति ने उसके घर वालों को दी और उनकी मौजूदगी में विवाहिता का अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार के बाद विवाहिता के परिजन ने हत्या का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत की। दफन करने के 10 दिन बाद पुलिस ने अफसरों की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव बाहर निकाला गया, अब शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र के बुंदेला का है।
पैसे, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सुपर कमेंट सारप्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का शिविर में आना तय है लेकिन आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
सुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। 21वीं सदी में भी, कागजों पर हाईटेक व्यवस्था के बावजूद, कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं आज भी खाट और कंधों के सहारे ही संचालित हो रही हैं।
गोल्ड सब्सक्राइब, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Sun, 21 Dec 2025 07:07 PM IST







