फ्री
विन इंस्टेंट
अर्न वीडियो, Inc
फ्री ऐप
💢विन💢
️डिपॉजिट डाउनलोड,
भीटी (अंबेडकरनगर)। महरुआ क्षेत्र के राम नगर कर्री के मजरे गौतम नगर में अनीता व अजय ने जमीन के विवाद को लेकर हुए मारपीट के मामले में एक-दूसरे पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। अनीता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि रविवार सुबह जब वह शौचालय गई थीं। इसी दौरान गांव निवासी अजय गोविंद, अजय व संदीप मारने लगे। बीच बचाव करने जब उनकी पुत्री, पुत्र व ससुर आए तो विपक्षियों ने उन लोगों को घर में घुसकर पीटा तथा शौचालय का दरवाजा तोड़ दिया। दूसरे पक्ष के अजय का आरोप है कि रविवार सुबह अनीता, अजीत, प्रतोखी, राम लखन, रुचि व आरती सहन दरवाजे की जमीन पर दीवार उठा रहे थे। विरोध करने पर उन्हें, उनकी मां तारावती व छोटे भाई की पत्नी गीता को पीटकर घायल कर दिया। प्रभारी थानाध्यक्ष सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि एक पक्ष के आठ व दूसरे पक्ष के छह लोगों समेत 14 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
विथड्रॉ, बागेश्वर। मनकोट गांव में महिला की वन्य जीव के हमले में मौत के बाद से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। वन विभाग ने गांव में पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाए हैं, लेकिन अब तक तेंदुआ इनकी पकड़ से दूर ही है। विभाग ने तेंदुआ दिखने की शिकायत के बाद पालड़ीछीना में भी एक पिंजरा लगवाया है। नदीगांव, असों और भागीरथी में एक-एक एनाइडर मशीन लगाई गई है।
सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछाल
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Sun, 11 Jan 2026 09:46 PM IST
विस्तारFollow Usयूपी के अंबेडकरनगर में रविवार की एक युवक का शव पेड़ की डाल से फंदे से लटकता मिला। घरवालों ने देखा तो रोना बिलखना शुरू हो गया। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंच गए। ग्रामीण परेशान परिजन को ढांढस बंधाते रहे।
विशेष कमेंट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोहPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Mon, 27 Oct 2025 08:58 AM IST
मोबाइल विन दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की ओर से श्री गुरु तेग बहादुर साहिब को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने के विरोध में शनिवार को शिरोमणि अकाली दल बादल के देहाती जत्थे ने रोष प्रदर्शन किया।
वीआईपी साइन अप, गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।







