पैसे
दैनिक कमाई
विन वॉच, Inc
मेगा इनाम
💢कमेंट लॉग इन💢TOP NewsBangladeshUSमंत्री विक्रमादित्य की फेसबुक पर टिप्पणीआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
️रिवॉर्ड्स ऑफर,Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
अतिरिक्त वीडियो, बालाघाट में दो नक्सलियों का सरेंडर- फोटो : अमर उजाला
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत में जंगली जानवरों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। क्षेत्र में बंदरों से लोग परेशान हैं। बीते एक माह में बंदरों के हमलों में 25 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:49 PM IST
सारMP:श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नगर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। नेशनल हाईवे और अन्य मार्ग, जो शहर को बाहरी क्षेत्रों से जोड़ते हैं, वहां वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
टास्क, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:आशुतोष प्रताप सिंहUpdated Wed, 24 Dec 2025 02:51 PM IST
पुराना सब्सक्राइब विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
फ्रेंड्स वेरिफाई,







