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💢डिस्काउंट सब्सक्राइब💢जिले के अटरू कस्बे में बदमाशों ने अपना दबदबा बनाने के लिए मामूली बात पर एक युवक के साथ बीच सड़क पर पिटाई कर दी और घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया।
️रिसीव विन,-सुभानपुर गांव में त्यागी ब्राह्मण भूमिहार समाज की बैठक में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का निर्णय लिया गया
सारसरगुजा जिले के अंबिकापुर में मणिपुर थाना क्षेत्र के हर्राटिकरा इलाके में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाई जा रही कार अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसके परिणामस्वरूप कार सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
शेयर, सीएम विष्णुदेव साय (फाइल फोटो)- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
सारबाराबंकी के मुंशीगंज में एक दुकान के बाहर बेसहारा बनकर सोए एक व्यक्ति ने दुकान का शटर काटकर 18 लाख रुपये के मोबाइल पार कर दिए। वारदात कैमरे में कैद हो गई।
फफूंद। थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम एक सड़क हादसे में साइकिल सवार किराना व्यापारी की मौत हो गई। बाबरपुर–फफूंद मार्ग पर गांव केशमपुर के पास तेज रफ्तार कार ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी।
मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर राजस्थान के रामगढ़ क्रेटर क्षेत्र में पहुंचे चीते केपी-2 ने सात दिन तक यहां रुकने के बाद एक बार फिर मध्यप्रदेश की ओर मूवमेंट शुरू किया था, लेकिन अब वह दोबारा रामगढ़ क्षेत्र में लौट आया है। कूनो पार्क और बारां वन विभाग की संयुक्त टीमें उसकी 24 घंटे निगरानी कर रही हैं। फिलहाल उसे ट्रैंक्युलाइज कर वापस कूनो ले जाने की कोई योजना नहीं है।
अतिरिक्त ऑफर, सारBaghpat News: किशनपुर बराल में पूर्वी यमुना नहर में दो दिन पहले अंबाला के दलीपगढ़ के रेलवे टेक्नीशियन दीपक कुमार का शव मिला था। पुलिस ने आरोपी रवि को गिरफ्तार कर लिया है।
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मध्य प्रदेश के बालाघाट में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक मलेरिया पीड़ित युवती की मौत इसलिए हो गई क्योंकि एम्बुलेंस ड्राइवर और तकनीशियन ने घने जंगल में गाड़ी रोक दी। इसके बाद वे तेंदुआ देखने चले गए। इतना ही नहीं, उन्होंने मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों से पैसों की भी मांग की।
ऑनलाइन, सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।







