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वॉच, गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:47 PM IST
बोकारो जिले के हरला थाना क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-9 बी स्ट्रीट-5 स्थित झोपड़ीनुमा मकान में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां किराये के मकान में रह रहे एक छोटे से परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान कुंदन कुमार तिवारी (35 वर्ष), उनकी पत्नी रेखा कुमारी (33 वर्ष) तथा उनके दो वर्षीय मासूम बच्चे के रूप में हुई है। कुंदन मूल रूप से बांका (बिहार) के रहने वाले थे।
विस्तारFollow Usबिहार में ठंड बढ़ने लगी है। शनिवार सुबह पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, कोसी प्रमंडल के कई जिलों में उत्तर-पश्चिमी पछुआ हवाओं के तेज होने से कनकनी बढ़ गई है। रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है। शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक कई इलाकों में पारा नीचे लुढ़का है, जिससे सुबह-सुबह ठिठुरन बढ़ गई। इतना ही नहीं उत्तर और उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों में शनिवार की सुबह घने कोहरे की चादर छाई रही। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में दृश्यता काफी कम हो गई। पूर्णिया में न्यूनतम दृश्यता 500 मीटर दर्ज की गई, जो राज्य में सबसे कम रही। कोहरे के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना पड़ा।
मानवीय संवेदनशीलता और जनसेवा की मिसाल पेश करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों के दौरे पर रहे। अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित गांवों में पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों का दुख-दर्द बांटा और हर परिवार को भरोसा दिलाया कि राहत और पुनर्वास के हर कदम पर सरकार और जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े हैं।
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फ्रेंड्स सब्सक्राइब भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
नया टास्क, वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटनPublished by:हिमांशु चंदेलUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:37 AM IST







