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💢सुपर ईज़ी💢विस्तारFollow Usवैशाली जिले को नया पुलिस अधीक्षक मिल गया है। विक्रम सिंहाग ने सोमवार को औपचारिक रूप से वैशाली के नए एसपी के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालते ही उन्होंने जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। एसपी विक्रम सिंहाग ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण उनकी सबसे पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
️सब्सक्राइब पॉइंट्स,विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) ने जल संसाधन विभाग, नवा रायपुर में सहायक मानचित्रकार (सिविल) पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा WRAD25 की अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 9 जनवरी 2026 से प्रारंभ होगी।
विस्तारFollow Usनीतीश सरकार बिहार में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉरलेंस की नीति अपनाने का दावा करती है। भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई भी होती है। अब घूससोर अफसरों और कर्मियों पर नकेल कसने के लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने खुद को स्मार्ट बनाने का फैसला लिया है। निगरानी की टीम अब अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल पर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगी। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी सेंटर बनाया जाएगा। निगरानी की टीम ने इस सेंटर के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है।
कूपन शेयर, वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:24 AM IST
विस्तारFollow Usनालंदा जिले के थरथरी थाना क्षेत्र में रविवार से लापता एक 19 वर्षीय युवक का शव बोरे में बंद अवस्था में बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव थरथरी बाजार निवासी दुखी केवट के घर के पीछे खेत से मिला, जो मृतक के घर से लगभग एक किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।
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इनाम वेरिफाई चंपावत बालेश्वर मंदिर रखी गई खंडित मूर्तियां। संवाद
सब्सक्राइब, जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।







