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💢साइन अप💢चंडीगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) इस माह कई व्यावसायिक संपत्तियों की बिक्री करेगा। एचएसवीपी ने ई-नीलामी का ब्योरा तैयार कर लिया है। 28 जनवरी से ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी। एचएसवीपी ने बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बोली की योजना तय की है। एचएसवीपी ने नीलामी के लिए नियमों में बदलाव किया है। बीते साल 19 सितंबर को संशोधित ई-नीलामी नीति के अनुसार बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे होटल, बहु मंजिला इमारतों के लिए अब केवल न्यूनतम दो ईएमडी (बयाना राशि जमा करना) ही अनिवार्य होंगी। इस श्रेणी के लिए 31 जनवरी को ई-नीलामी होगी।
️कम्पलीट शेयर,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Sun, 04 Jan 2026 02:53 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।Published by:Krishan SinghUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:04 AM IST
लाइक स्टूडेंट, दबतोरी में लगे जग आरोग्य मेला में मरीजों की जांच कर दवाएं दी गई। संवाद
विस्तारFollow Usविकासखंड मुख्यालय आवापल्ली में संचालित पोर्टाकेबिन विद्यालय की कक्षा छठवीं की छात्रा कुमारी मनीषा सेमला के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए बीजापुर जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष एवं कांग्रेस पार्टी के युवा नेता कमलेश कारम ने इस घटना के लिए विद्यालय की अधिक्षिका को जिम्मेदार ठहराया है।
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सारमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर वर्ग के विकास के लिए काम कर रही है। व्यापार जगत और उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई है, जिससे कई वस्तुओं की कीमतें घटी हैं और आम लोगों को सीधा लाभ मिला है।
पुराना रिसीव, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
ऑफर भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 03 Nov 2025 11:33 AM IST
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