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बोनस
💢विशेष वीडियो💢महाराष्ट्र के आमगांव में श्रीराम कथा के दौरान बागेश्वर महाराज ने कहा कि कथा से प्राप्त धन से मंदिर नहीं बल्कि अस्पताल बनाए जाते हैं, ताकि गरीबों को इलाज के बहाने धर्मांतरण न झेलना पड़े। उन्होंने मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने और चढ़ावे का उपयोग सेवा व गरीब हिंदू बेटियों के लिए करने की मांग की।
️रजिस्टर,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Fri, 21 Nov 2025 08:36 PM IST
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बोनस साइन अप, सारदक्षिण बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर एक सघन तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान मुठभेड़ हो गई। सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल से दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं।
घटना 27 अप्रैल 2024 की है, जब भागलपुर जिले के जोगसर थाना क्षेत्र अंतर्गत आदमपुर स्थित जहाजघाट के दिव्य धाम अपार्टमेंट से भोजपुरी अभिनेत्री अमृता पाण्डेय का शव बरामद किया गया था। उस समय परिजनों ने दावा किया था कि अमृता ने फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली। मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तब गले पर दबाव के गहरे निशान मिले थे, और परिजन आत्महत्या की कहानी बुन रहे थे। उस समय परिजनों ने दावा किया था कि अमृता ने फिल्मों में काम नहीं मिलने के कारण डिप्रेशन में थी और इसी वजह से उसने फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली। इधर पुलिस जांच पड़ताल कर ही रही थी। इसी दौरान पुलिस को मृतका के मोबाइल का व्हाट्सअप स्टेटस (सुबह करीब 10.16 मिनट पर लगा हुआ) हाथ लगा, जिसे देखकर पुलिस ने अपनी जांच की दिशा ही बदल दी। व्हाट्सअप स्टेटस पर उसने लिखा था – “दो नावों पर सवार थी मेरी जिंदगी, हमने अपनी नौका डुबोकर उसकी राह आसान कर दी।” पुलिस ने फिर से अनुसंधान शुरू किया, जिसमें उसके पति, बहन व अन्य करीबी परिजन पुलिस की जांच के दायरे में आए थे। लेकिन आश्चर्य अब तक मामले का अनुसंधान पूरा नहीं हो पाया। हत्या किसने और क्यों की यह रहस्य अब तक रहस्य ही रह गया।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:18 PM IST
इनाम डिपॉजिट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Sun, 09 Nov 2025 03:09 PM IST
दैनिक कूपन सारपं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय के 90दिन के शोध में पाया गया कि आयुर्वेदिक काढ़े से 73% किडनी स्टोन मरीजों को बिना ऑपरेशन राहत मिली। अध्ययन में 10 मिमी से कम पथरी वाले मरीजों को विशेष काढ़ा दिया गया, जिससे पथरी का आकार कम हुआ या बाहर निकल गई। शोध आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित है और यह सुरक्षित व प्रभावी विकल्प साबित हुआ।
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