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💢स्टूडेंट💢अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़Published by:शाहिल शर्माUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:36 PM IST
️गेम फ्री,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sat, 15 Nov 2025 05:03 PM IST
विस्तारFollow Usखेलो इंडिया यूनिवर्सिटी खेलों का सोमवार को भरतपुर के लोहागढ़ स्टेडियम में आकर्षक आयोजन के साथ शुभारंभ किया गया। डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह, जिला कलक्टर कमर चौधरी, पूर्व सांसद रामस्वरूप कोली और जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
विशेष लाइक, जन्म लेते ही नवजात को पुलिया के नीचे फेंका, SNCU में भर्ती।
शहाबगंज। क्षेत्र के केरायगांव में माईनर का पानी घुसने से 10 बीघा खेत जलमग्न हो गया। सूचना पर किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र का भ्रमण कर अधिकारियों को सूचित किया। खेतों में पानी घुसने से पौधों के खराब होने की आशंका है।
पीडीडीयू नगर। चंदौली में ठंड से जूझ रहे लोगों को लगातार दूसरे दिन शनिवार को मौसम ने बड़ी राहत दी। दिनभर खिली धूप के चलते जनजीवन सामान्य नजर आया। अधिकतम 4 डिग्री और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस बढ़ा। सुबह आठ से लेकर शाम पांच बजे तक धूप रहने से जहां सर्द हवाओं का असर कम हुआ, वहीं लोगों को गलन भरी ठंड से राहत मिली। वहीं लोगों ने खुले में धूप सेंक कर आनंद लिया।
प्लेटिनम शेयर,
बड़ा पैसे बाढड़ा। प्रदेश सरकार की वाटर शेयरिंग स्कीम से लंबे समय से समान पानी से वंचित रहे बाढड़ा, लोहारु, दादरी, भिवानी सहित समस्त दक्षिणी हरियाणा को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस बहुउद्देशीय योजना के लिए क्षेत्र के किसान पूर्व कृषि, वित्त मंत्री जयप्रकाश दलाल के आभारी रहेंगे।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:43 AM IST
पुराना डिस्काउंट, चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।







