प्लेटिनम मोबाइल
इनवाइट
ट्रांसफर इंस्टेंट, Inc
बोनस लॉग इन
💢मोबाइल इंस्टेंट💢
️प्लेटिनम शेयर,आगरा। एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित 10 दिवसीय राज्य स्तरीय जिम्नास्टिक प्रशिक्षण शिविर का सोमवार को समापन हो गया। शिविर में अंडर-14, 17 और 19 आयु वर्ग के चयनित 30 बालक-बालिका खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय माध्यमिक विद्यालयीय प्रतियोगिता के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। ये सभी खिलाड़ी अब कोलकाता में 15 जनवरी से होने वाली नेशनल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
ऐप क्लिक, सोशल मीडिया और यूट्यूब की चमक-दमक में नाम कमाने की चाह एक 15 वर्षीय नाबालिग को सैकड़ों किलोमीटर दूर कर्नाटक से अलवर तक ले आई। गेमिंग यूट्यूबर बनने का सपना संजोए दसवीं कक्षा का छात्र घर से बिना बताए निकल गया और अलवर जिले के बानसूर क्षेत्र में एक यूट्यूबर से मिलने पहुंच गया। गनीमत रही कि समय रहते पुलिस और परिजनों की सतर्कता से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और बच्चा सकुशल अपने पिता से मिल गया।
संगम की रेती पर माघ मेले ने भव्य स्वरूप लेना शुरू कर दिया है। संगम तट पर हर दिन देश ही नहीं विदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे है। अध्यात्म और भक्ति से सराबोर माघ मेले में साधु-संत अलग-अलग भेषभूषा और बोली से चर्चा में हैं। इन्हीं में एक हैं सेंट वाले बाबा। वह संगम लोवर मार्ग पर धूनी रमाए रेती पर भक्ति रस बांट रहे हैं।
सारअंबिकापुर के अधिवक्ता नीरज वर्मा ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, अंबिकापुर के सामने एक कंप्लेंट केस फाइल किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महावीर हॉस्पिटल में गत दिनों उनकी बेटी कु. आंचल वर्मा को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
छोटा कूपन, संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर/लुधियाना/जालंधरPublished by:निवेदिता वर्माUpdated Sat, 10 Jan 2026 02:14 PM IST
ऑनलाइन फ्रेंड्स मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:33 AM IST
अमर उजाला नेटवर्क, अंबेडकरनगरPublished by:भूपेन्द्र सिंहUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:44 AM IST
गेम पैसे, सारबालाघाट में एम्बुलेंस ड्राइवर की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। मलेरिया मरीज को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने के बजाए ड्राइवर ने बीच जंगल में एम्बुलेंस को रोक दिया। फिर रिश्वत मांगी। नहीं मिलने पर जंगल में वाहन खड़ा करके तेंदुआ देखने के लिए ड्राइवर और तकनीशियन निकल गए। मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।







